सैन्य सेवा के बाद इजरायली सैनिकों की पहली पसंद भारत: हिमाचल के पहाड़ों में मिलता है सुकून
Israel India Travel: इजरायली युवा अपनी दो साल की अनिवार्य सैन्य सेवा के बाद मानसिक शांति और आत्मचिंतन के लिए भारत, विशेषकर हिमाचल प्रदेश के गांवों का रुख करते हैं।
- Written By: प्रिया सिंह
हिमाचल के पहाड़ (सोर्स-सोशल मीडिया)
Post Military Service Travel India: इजरायल में प्रत्येक युवा के लिए दो साल की अनिवार्य सैन्य सेवा का नियम है जिसके बाद वे लंबी छुट्टी पर निकलते हैं। सेना सेवा के बाद भारत यात्रा के लिए वे अपनी यात्रा की योजना बनाते हैं ताकि वे कठिन सैन्य तनाव से मुक्ति पा सकें। इजरायलियों के लिए भारत के शीर्ष पर्यटन स्थल की तलाश उन्हें हिमाचल प्रदेश के शांत और खूबसूरत पहाड़ी इलाकों तक खींच लाती है। सैन्य सेवा के बाद शांति की खोज में वे अक्सर धर्मशाला के पास स्थित धर्मकोट जैसे गांवों में समय बिताते हैं।
पहाड़ों का तेल अवीव
हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला से करीब 13 किलोमीटर दूर स्थित धर्मकोट गांव अब इजरायली युवाओं का गढ़ बन चुका है। धौलाधार की पहाड़ियों के बीच बसे इस छोटे से गांव में इजरायली पर्यटकों की संख्या इतनी अधिक है कि इसे ‘पहाड़ों का तेल अवीव’ कहा जाता है। यहां के गेस्ट हाउस और रास्तों पर हिब्रू भाषा में लिखे बोर्ड और इजरायली संस्कृति की झलक स्पष्ट रूप से दिखाई देती है।
सैन्य सेवा के बाद ब्रेक
इजरायल के नियमों के अनुसार वहां के युवाओं को दो साल तक अनिवार्य रूप से सेना में अपनी सेवाएं देनी होती हैं। इस कठिन प्रशिक्षण और ड्यूटी के बाद वे मानसिक शांति और दुनिया को नए नजरिए से देखने के लिए भारत आते हैं। मार्च के महीने से ही इन पर्यटकों का आना शुरू हो जाता है जो अक्टूबर तक लगातार बढ़ता रहता है।
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आध्यात्मिक सुकून की तलाश
इजरायली पर्यटकों के अनुसार उनके देश में ज्यादातर शहरी और रेगिस्तानी इलाके हैं जबकि हिमाचल की हरियाली उन्हें सुकून देती है। यहां की शांति और हिमालय के ऊंचे पहाड़ उन्हें पुराने तनाव को भूलकर आत्मचिंतन करने का एक बेहतरीन मौका प्रदान करते हैं। वे अक्सर समूहों में रहना पसंद करते हैं और दिन भर बातचीत या ट्रेकिंग में अपना समय बिताते हैं।
भोजन और धार्मिक केंद्र
धर्मकोट में यहूदी समुदाय के लिए एक विशेष चार मंजिला ‘चबाड हाउस’ भी बनाया गया है जो उनकी गतिविधियों का मुख्य केंद्र है। स्थानीय रेस्तरां में इजरायली व्यंजन जैसे फलाफल और हम्मस आसानी से मिल जाते हैं जिससे उन्हें घर जैसा अनुभव होता है। हिमाचल के बाद कई इजरायली युवा अपनी यात्रा को आगे बढ़ाते हुए गोवा के समुद्र तटों की ओर निकल जाते हैं।
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भारतीय संस्कृति का आकर्षण
इजरायली सैनिक आरिया और माइकल जैसे युवाओं का कहना है कि भारत के लोगों की सादगी और यहां का आध्यात्मिक माहौल अद्भुत है। वे यहां नाचने, गाने और जीवन का आनंद लेने आते हैं क्योंकि हिमालय की गोद में उन्हें एक आदर्श शांति मिलती है। भारत की प्राचीन संस्कृति और इतिहास के प्रति इजरायली समाज में हमेशा से एक गहरा आकर्षण रहा है।
