Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • विदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी न्यूज़
  • फैक्ट चेक
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो

  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • होम
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

कब से शुरू होने वाला है अंतर्राष्ट्रीय सूरजकुंड मेला? जानें आसान रूट, पास के इन स्थलों को भी करें एक्सप्लोर

Surajkund Mela 2026 : 39वां अंतर्राष्ट्रीय सूरजकुंड मेला शुरू होने वाला है। आप पहली बार इस मेले में जाने का प्लान बना रहे हैं तो आपको ये आर्टिकल जरूर पढ़ना चाहिए। काफी जानकारियां मिलेंगी।

  • Written By: रंजन कुमार
Updated On: Jan 24, 2026 | 02:15 PM

पिछले साल के सूरजकुंड मेले की झलक। इमेज-सोशल मीडिया

Follow Us
Close
Follow Us:

Surajkund Mela 2026 Update : आप कला, संस्कृति और हस्तशिल्प के शौकीन हैं तो आपके लिए यह खबर है। विश्व प्रसिद्ध 39वां अंतर्राष्ट्रीय सूरजकुंड हस्तशिल्प मेला फिर सजने को तैयार है। फरीदाबाद की अरावली पहाड़ियों की गोद में लगने वाला यह मेला न केवल भारत, बल्कि दुनिया भर की विविध परंपराओं और ग्रामीण परिवेश का एक अनूठा संगम है।

सूरजकुंड मेले का आगाज 31 जनवरी से होने जा रहा है। यह उत्सव 15 फरवरी तक चलेगा। यानी आपके पास करीब दो हफ्ते का समय है, जिसमें आप कभी भी अपने परिवार और दोस्तों के साथ यहां घूमने का प्लान बना सकते हैं।

क्या है मेले की खासियत?

सूरजकुंड मेला सिर्फ बाजार नहीं, बल्कि जीवंत अनुभव है। यहां आपको देखने के लिए कई तरह की चीजें मिलेंगी। मेले में देश भर के राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के शिल्पकार अपने हाथों से बने मिट्टी के बर्तन, लकड़ी की नक्काशी और पारंपरिक आभूषण प्रदर्शित करते हैं। शाम के समय चौपाल पर होने वाले लोक नृत्य और संगीत कार्यक्रम मेले की रौनक में चार चांद लगा देते हैं। मेले में भारत के हर राज्य के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद चखने को मिलता है। राजस्थान की दाल-बाटी या पंजाब का सरसों का साग, खाने के शौकीनों के लिए यह जन्नत है। हर साल एक भारतीय राज्य को थीम स्टेट और एक देश को पार्टनर नेशन चुना जाता है, जिसकी झलक पूरे मेले की सजावट और प्रवेश द्वार पर दिखाई देती है।

सम्बंधित ख़बरें

लॉन्ग वीकेंड पर देखें बर्फ से ढके पहाड़, इस जगह को कहा जाता है धरती का स्वर्ग

माता कामाख्या के दर्शन का अच्छा मौका, सिर्फ 7 हजार में 2 दिनों का टूर, जानें पूरी प्रक्रिया

सिर्फ 7210 रुपए में इस वीकेंड घूम आएं तिरुपति, IRCTC लाया किफायती और सुविधाजनक टूर

सिंगापुर घूमने का सबसे बेहतरीन मौका, IRCTC के टूर पैकेज का कितना पड़ेगा खर्च?

कैसे पहुंचें?

जिला प्रशासन ने भीड़भाड़ से बचने और किफायती यात्रा के लिए खास इंतजाम किए हैं। बल्लभगढ़ बस स्टैंड से 31 जनवरी से रोज सुबह 7 बजे से बसें मिलनी शुरू हो जाएंगी। खास बात है कि हर 30 मिनट के अंतराल पर नई बस रवाना होगी। आप दिल्ली या नोएडा से आ रहे हैं तो बदरपुर, बल्लभगढ़ या बड़खल मेट्रो स्टेशन पर उतर सकते हैं। इन स्टेशनों से सूरजकुंड मेले तक जाने के लिए विशेष शटल बसें उपलब्ध रहेंगी। आप अपनी कार से आ रहे हैं तो डिजिटल पार्किंग की व्यवस्था की गई है, ताकि आपको जाम और पार्किंग की समस्या न हो।

यह भी पढ़ें:  अरावली की पहाड़ियों में बिताएं एक शाम, ये खूबसूरत जगहें जीत लेंगी आपका दिल

स्मार्ट टिप्स

वीकेंड पर भीड़ ज्यादा होती है, इसलिए ऑनलाइन टिकट बुक करना बेहतर होगा। आप मेले का आनंद लेने के लिए सुबह जल्दी पहुंचें, ताकि आराम से हर स्टॉल को देख सकें। मेले का परिसर काफी बड़ा है, इसलिए घूमने के लिए आरामदायक जूते पहनकर आएं।

मेले के आसपास बेहतरीन स्थल

सूरजकुंड मेले का लुत्फ उठाने के साथ आप आसपास की ऐतिहासिक और प्राकृतिक जगहों को भी एक्सप्लोर कर सकते हैं। मेला स्थल के बिल्कुल पास स्थित यह 10वीं शताब्दी का ऐतिहासिक जलाशय है। इसका निर्माण तोमर वंश के राजा सूरज पाल ने करवाया था। एम्फीथिएटर (अर्ध-वृत्ताकार) के आकार में बने इस जलाशय के पास एक प्राचीन सूर्य मंदिर के अवशेष भी हैं। यह फोटोग्राफी और शांति से समय बिताने के लिए एक बेहतरीन जगह है।

असोला भट्टी वन्यजीव अभयारण्य

प्रकृति प्रेमियों के लिए यह जन्नत से कम नहीं है। मेले से कुछ ही दूरी पर स्थित इस अभयारण्य में आप अरावली की पहाड़ियों के बीच ट्रैकिंग का आनंद ले सकते हैं। यहाँ की नीली झील खूबसूरती के लिए काफी प्रसिद्ध है।

तुगलकाबाद किला

इतिहास में रुचि रखने वालों के लिए यह किला शानदार विकल्प है। सूरजकुंड से 10-15 मिनट की दूरी पर स्थित यह किला 1321 में गयासुद्दीन तुगलक ने बनवाया था। यहां की वास्तुकला और किले के खंडहर आपको पुराने समय की याद दिला देंगे।

बड़खल झील

सूरजकुंड से 12-13 किलोमीटर दूर यह झील कभी फरीदाबाद का सबसे बड़ा आकर्षण थी। यहां आप ऊंट और घोड़े की सवारी का आनंद ले सकते हैं।

राजा नाहर सिंह पैलेस

यह बल्लभगढ़ में है, जो 18वीं शताब्दी की भव्यता को दर्शाता है। इसे बल्लभगढ़ किला भी कहा जाता है। इसकी सुंदर मेहराबें और आंगन देखने लायक हैं। अब यहां रेस्टोरेंट और होटल भी चलता है।

When will the international surajkund fair begin learn the easiest route and explore

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Jan 24, 2026 | 02:15 PM

Topics:  

  • Tour and Travel News
  • Tourism Department
  • Tourism News
  • Tours and travels

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.