कर्नाटक का एक ऐसा मंदिर, यहां दिवाली के दिन खिलता है कमल और जलते हैं दीये

दिवाली का त्योहार वैसे तो घर में मनाया जाता है लेकिन इस दिन मंदिरों में भी पूजन का महत्व होता है। हिंदू धर्म के प्राचीन मंदिरों में से एक कर्नाटक का हसनंबा मंदिर काफी प्रसिद्ध है।
कर्नाटक, हसनबा मंदिर
कर्नाटक का हसनबा मंदिर (सौ.सोशल मीडिया)
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Diwali 2024: हिंदू धर्म में व्रत-त्योहारों के साथ मंदिरों का भी काफी महत्व होता है। सबसे बड़े त्योहारों में से एक दिवाली होता है जिस दिन माता लक्ष्मी और भगवान श्रीगणेशजी की पूजा की जाती है। दिवाली का त्योहार वैसे तो घर में मनाया जाता है लेकिन इस दिन मंदिरों में भी पूजन का महत्व होता है। हिंदू धर्म के प्राचीन मंदिरों में से एक कर्नाटक का हसनंबा मंदिर काफी प्रसिद्ध है। यह मंदिर केवल 7 दिनों के लिए खुलता है।

देवी अंबा को समर्पित हैं मंदिर

कर्नाटक के इस हसनंबा मंदिर की बात की जाए तो, यह मंदिर देवी अंबा को समर्पित है जो कर्नाटक के हासन जिले में आता है. कहा जाता है कि ये मंदिर 12वीं शताब्दी में बनवाया गया था. शहर का नाम भी हसन देवी के नाम पर ही रखा गया है। इस मंदिर को दिवाली के मौके पर खोला जाता है बाकी साल भर यह मंदिर बंद रहता है। हसनंबा मंदिर के कपाट दीवाली से 12 दिनों के लिए ही खोले जाते हैं,जब मंदिर के कपाट बंद किए जाते हैं तो अंदर एक दीपक जलाया जाता है। यहां दीपक जलते रहते हैं और फूल भी ताजा दिखते हैं।

दिवाली के मौके पर रहती है भीड़

यहां पर दिवाली के मौके पर इस मंदिर में साल भर बाद खुलने के साथ भक्तों की भीड़ रहती है। इस दिन माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है इसके साथ ही विधान भी होता है।

जानिए कैसे पहुंचे मंदिर

अगर आप हवाई जहाज से जाने का सोच रहे हैं, तो हासन जिले में कोई एयरपोर्ट नहीं है. इसके लिए आपको बेंगलुरु हवाई अड्डे जाना होगा. इसके बाद आप बस या टैक्सी के जरिए यहां पहुंच सकते हैं. ट्रेन से भी यहां पहुंचना आसान है. हासन बेंगलुरु, शिमोगा और हुबली समेत कई रेलमार्ग से जुड़ा हुआ है. इसके अलावा, आप बस से भी यहां जा सकते हैं.

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