अब भारत की पटरियों पर दौड़ेगी हाइड्रोजन ट्रेन, जानें कब शुरू होगा ट्रायल रन
देश के विकास में रेलवे ने बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। भारतीय रेलवे के विकास के साथ ही देश ने कई क्षेत्रों में तरक्की की है। भारत में अब जल्द ही पानी से चलने वाली ट्रेन यानी हाइड्रोजन ट्रेन की शुरुआत होने वाली है।
- Written By: प्रीति शर्मा
भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन (सौ. फ्रीपिक)
Hydrogen Train: देश के विकास में रेलवे ने बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। भारतीय रेलवे के विकास के साथ ही देश ने कई क्षेत्रों में तरक्की की है। वहीं, भारतीय रेलवे लगातार बदलाव और विस्तार कर रहा है। बेहतरीन रेलवे स्टेशन से लेस ट्रेन के सफर ने आम लोगों का जीवन बहुत ही सरल बना दिया है। भारत में राजधानी, शताब्दी, तेजस और वंदे भारत एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों का काफी क्रेज देखने को मिला है। साथ ही बुलेट ट्रेन का काम भी जोरों से चल रहा है। इस बीच भारत में अब जल्द ही पानी से चलने वाली ट्रेन यानी हाइड्रोजन ट्रेन की शुरुआत होने वाली है। जिसके बाद भारत की पटरियों पर डीजल या इंजन नहीं बल्कि पानी से चलने वाली ट्रेन दौड़ेगी। जिसकी शुरुआत अगले साल तक हो सकती है।
इस साल हो सकता है ट्रायल
दुनिया के सबसे बड़े रेल नेटवर्क में गिना जाने वाला देश भारत आज आधुनिकता की ओर एक और बड़ा कदम उठाने जा रहा है। भारत में अब पटरियों पर आप डीजल या बिजली से नहीं बल्कि पानी से चलने वाली ट्रेन को दौड़ते हुए देख सकेंगे। यह भारत को रेल यात्रा के एक नए युग में ले जाएगी। भारत में पहली पानी से चलने वाली ट्रेन एडवांस हाइड्रोजन फ्यूल टेक्नोलॉजी से युक्त होगी। इस तकनीक से हाइड्रोजन और ऑक्सीजन को मिलाकर बिजली पैदा की जाएगी। जिससे भाप और पानी ही बाई प्रोडक्ट के रूप में निकलता है।
जानकारी के अनुसार यह हाइड्रोजन ट्रेन एक पायलट प्रोजेक्ट के रूप में दिसंबर 2024 में शुरू हो सकती है। जिसके तहत प्रति घंटे लगभग 40 हजार लीटर पानी का इस्तेमाल किया जाएगा। बिना बिजली और डीजल से चलने वाली यह ट्रेन प्रदूषण से मुक्त होगी। यह भारतीय रेलवे में एक मील का पत्थर साबित हो सकती है। बता दें कि भारतीय रेलवे ने साल 2030 तक नेट जीरो कार्बन एमिटर बनाने का लक्ष्य रखा है। ऐसे में हाइड्रोजन ट्रेन चलाने का फैसला इस लक्ष्य को पूरा करने में मदद करेगा।
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कहां बन रहा है कोच
हाइड्रोजन ट्रेन पर फिलहाल काम चल रहा है और इस साल के अंत में या अगले साल की शुरुआत में इसका ट्रायल शुरू होने की उम्मीद है। इस ट्रेन का कोच कपूरथला की रेलवे फैक्ट्री में बनाया जा रहा है। फिलहाल इसका रूट तय नहीं किया गया है। ट्रायल जींद से सोनीपत तक 90 किलोमीटर के बीच होने की उम्मीद जताई जा रही है। जानकारी के अनुसार पहली हाइड्रोजन ट्रेन करीब 100 किलोमीटर तक का सफर तय करेगी। इसके अलावा यह ट्रेन डीजल इंजन ट्रेन की तुलना में आवाज भी कम करेगी।
