विभीषण से डरकर यहां छुपे थे श्री गणेश, जानें कहां है ये मंदिर जहां भक्तों की मुरादें होती है पूरी
गणेश चतुर्थी के अवसर पर इस बार हमने आपको प्रतिदिन देश ही नहीं बल्कि विदेशों के भी अनोखे श्री गणेश मंदिरों के बारे में बता रहे है। जहां की पौराणिक कथाओं और उनके बारे में कहा जाता है कि वहां दर्शन करने से भक्तों के सारे दुख दूर होते है।
- Written By: प्रिया जैस
गणेश चतुर्थी के इस पावन अवसर पर आज हम आपको एक ऐसे मंदिर के बारे में बताने जा रहे है जोकि अपनी भव्यता के लिए नहीं बल्कि अपनी दंतकथा के लिए प्रचलित है। उच्ची पिल्लयार मंदिर 7वीं शताब्दी में बना एक हिंदू मंदिर है, जो भगवान गणेश को समर्पित है।
श्री गणेश का उच्ची पिल्लयार मंदिर तमिलनाडू के तिरुचिरापल्ली के रॉक फोर्ट पहाड़ी पर स्थित है, इस पहाड़ी से पूरे शहर का बेहद ही खूबसूरत नज़ारा दिखाई देता है, जिसे देख आपका मन सुबह और शाम के वक्त यहीं बिताने का करेगा।
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यहां कि दंत कथा के अनुसार ऐसा कहा जाता है कि रावण के भाई विभीषण से छुपने के लिए श्रीगणेश इस पहाड़ी पर आकर छूपे थे। इसके बाद यहां मंदिर बनाया गया। कहा जाता है कि यहां दर्शन करने से मनुष्यों के संकट दूर हो जाते है।
इस उच्ची पिल्लयार मंदिर पर पहुंचने के लिए भक्तों को 273 फुट की ऊंचाई तय करना होता हैं। साथ ही इस मंदिर में पहुंचने के लिए करीब 400 सीढ़ियां चढ़ना होता है तब जाकर गणपति जी के दर्शन किए जा सकते हैं।
तमिलनाडू के रॉकफोर्ट में आसपास भी घूमने के लिए बहुत सुंदर जगह और मंदिर है। इन जगहों में तिरुचिरापल्ली, श्रीरंगम, श्रीरंगम में रंगनाथस्वामी मंदिर, अकिलन्देश्वरी मन्दिर भी घूमने जा सकते है। यहां आप अपने परिवार के साथ अपनी छुट्टियां खुशी से मना सकते है।
