प्रतीकात्मक इमेज (सोर्स- सोशल मीडिया)
Desert Tourism India: भारत में जब भी रेगिस्तान की बात होती है तो सबसे पहले थार रेगिस्तान का नाम सामने आता है। जैसलमेर की सुनहरी रेत और ऊंट सफारी लंबे समय से देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करती रही है। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि भारत में थार के अलावा भी कई ऐसी जगहें हैं, जहां रेगिस्तान अलग-अलग रूपों में देखने को मिलता है। कहीं बर्फ से घिरे पहाड़ों के बीच रेगिस्तानी दृश्य नजर आते हैं, तो कहीं नमक के विशाल मैदान दिखाई देते हैं।
कुछ स्थानों पर लाखों साल पुराने जीवों के अवशेष मिलते हैं तो कहीं लाल रेत के टीलों का अनोखा नजारा देखने को मिलता है। इसी वजह से यह जगहें पारंपरिक रेगिस्तान से बिल्कुल अलग अनुभव देती हैं। अगर आप भी हर बार की आम रेगिस्तान ट्रिप से हटकर कुछ नया एक्सप्लोर करना चाहते हैं तो देश में ऐसी कई खास जगहें मौजूद हैं। आइए जानते हैं भारत की उन अनोखी जगहों के बारे में जहां रेगिस्तान का बिल्कुल अलग अंदाज देखने को मिलता है।
ग्रेट रण ऑफ अपने विशाल सफेद नमक के मैदानों के लिए प्रसिद्ध है। मानसून के बाद पानी सूखने पर यहां दूर-दूर तक चमकता नमक दिखाई देता है। दिन में यह धूप में चमकता है, जबकि रात में चांदनी में चांदी जैसा नजर आता है। यहां आयोजित होने वाला रण उत्सव पर्यटकों को खास आकर्षित करता है। घूमने का सबसे अच्छा समय नवंबर से फरवरी माना जाता है।
थेरी काडू अपनी लाल रंग की रेत के टीलों के लिए मशहूर है। यहां की रेत में आयरन की अधिक मात्रा होने के कारण इसका रंग लाल दिखाई देता है, जो इसे बाकी रेगिस्तानों से अलग बनाता है। इसे ‘रेड सैंड डेजर्ट’ भी कहा जाता है। इस इलाके में रेत के टीलों के बीच नारियल और ताड़ के पेड़ों के साथ छोटे-छोटे गांव भी नजर आते हैं, जो इसकी खूबसूरती को और बढ़ाते हैं।
यह भी पढ़ें: MP के शानदार हिल स्टेशन: शिमला-मनाली की जगह MP की इन 5 खूबसूरत ऑफबीट जगहों पर बिताएं अपनी छुट्टियां
लद्दाख को भारत का कोल्ड डेजर्ट कहा जाता है। ऊंचाई पर स्थित यह क्षेत्र बर्फ से ढके पहाड़ों और सूखे, वीरान नजारों के कारण किसी दूसरे ग्रह जैसा एहसास कराता है। खासतौर पर नुब्रा वैली अपने अनोखे रेगिस्तानी माहौल के लिए प्रसिद्ध है। यहां की सबसे खास बात रात का आसमान है। कम लाइट पॉल्यूशन और साफ मौसम की वजह से यहां स्टारगेजिंग का अनुभव बेहद शानदार होता है। यहां घूमने का सबसे अच्छा समय मई से सितंबर के बीच माना जाता है।