Xiaomi के ह्यूमनॉइड रोबोट ने फैक्ट्री में की 8 घंटे की ड्यूटी, खुद सुधारी अपनी गलतियां, जानें क्या है खास

Xiaomi Humanoid Robot: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक्स को लेकर Xiaomi ने वीडियो जारी किया है। जिसमें कंपनी का दावा है कि उसके रोबोट ने इलेक्ट्रिक कार फैक्ट्री में लगातार 8 घंटे तक काम कर रहा है।
Xiaomi humanoid robot worked an 8-hour shift in a factory and corrected its own mistakes
Xiaomi के वीडियों में क्या है खास।Source. Social Media
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Highlight:

  • Xiaomi ने अपने ह्यूमनॉइड रोबोट का एक वीडियो जारी किया है।

  • वीडियो में रोबोट कार के सेंटर कंसोल को लेकर काम कर रहे है।

  • Xiaomi ने रोबोटिक्स प्रोजेक्ट के साथ Xiaomi-Robotics-1 का AI मॉडल भी लाया है।

AI Robots Factory: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक्स की दुनिया में तेजी से बदलाव हो रहा है। बता दें कि अब रोबोट सिर्फ इंसानों की तरह चलने या चीजें उठाने तक सीमित नहीं रह गए हैं बल्कि फैक्ट्रियों में काम करने की दिशा में भी आगे बढ़ रहे हैं। इसी कड़ी में Xiaomi ने अपने ह्यूमनॉइड रोबोट का एक वीडियो जारी किया है। जिसमें कंपनी का दावा है कि उसके रोबोट ने इलेक्ट्रिक कार फैक्ट्री में लगातार 8 घंटे तक काम किया और इस दौरान अपनी गलतियों को खुद पहचानकर ठीक भी किया।

इस वीडियो में रोबोट कार के सेंटर कंसोल में इस्तेमाल होने वाले साइड कवर को छांटते उठाते और तय जगह पर रखते नजर आते हैं। Xiaomi ने इसको लेक बताया है कि यह वास्तविक फैक्ट्री में रोबोट के इस्तेमाल की दिशा में एक अहम कदम है।

Xiaomi के रोबोट ने फैक्ट्री में क्या काम किया?

Xiaomi Tech ने 3 नवंबर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर यह वीडियो शेयर किया था। इसमें ह्यूमनॉइड रोबोट पार्ट्स को कंटेनर से निकालकर स्टोरेज रैक में व्यवस्थित करते दिखाई देते हैं। वहीं वीडियो में काम का समय दिखाने वाला काउंटर भी नजर आता है।

साथ ही कंपनी का कहना है कि रोबोट ने संबंधित वर्कस्टेशन की पूरे दिन की प्रोडक्शन जरूरत पूरी की। इतना ही नहीं वह काम के दौरान आने वाली गड़बड़ियों को पहचानने और उन्हें ठीक करने में भी सक्षम था। रोबोट ने फैक्ट्री के प्रोडक्शन लाइन कंट्रोल सिस्टम के साथ तालमेल बनाकर काम किया।

पहले के मुकाबले कितना बेहतर हुआ Xiaomi का रोबोट?

यह पहली बार नहीं है जब Xiaomi ने अपने ह्यूमनॉइड रोबोट को फैक्ट्री में काम करते दिखाया है। कंपनी मार्च 2026 में भी अपने बीजिंग EV प्लांट में रोबोट का ट्रायल कर चुकी है। उस दौरान रोबोट को सेल्फ-टैपिंग नट लगाने का काम दिया गया था। Xiaomi ने तीन घंटे के परीक्षण में 90.2 प्रतिशत सफलता दर हासिल करने का दावा किया था।

इसके बाद जुलाई में कंपनी ने सफलता दर बढ़कर 98 प्रतिशत होने की जानकारी दी। साथ ही साइड-कवर सॉर्टिंग और बॉक्स फोल्डिंग जैसे काम भी शामिल किए। अब 8 घंटे के ट्रायल को कंपनी अपनी रोबोटिक्स तकनीक की अगली उपलब्धि बता रही है।

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100,000 घंटे के डेटा से तैयार किया AI मॉडल

Xiaomi ने अपने रोबोटिक्स प्रोजेक्ट के साथ Xiaomi-Robotics-1 नाम का ओपन-सोर्स AI मॉडल भी पेश किया है। कंपनी के मुताबिक, इसे 1 लाख घंटे से ज्यादा के वास्तविक दुनिया के रोबोटिक डेटा पर ट्रेनिंग दी गई है। इस मॉडल का इस्तेमाल अब कंपनी के कर्मचारियों के अपार्टमेंट में भी ट्रायल के तौर पर किया जा रहा है।

Xiaomi ने बताया है कि 30 मिनट के एक परीक्षण में रोबोट ने तीन कमरों में 50 से ज्यादा टास्क पूरे किए। इससे पता चलता है कि कंपनी सिर्फ फैक्ट्री ही नहीं बल्कि घरेलू कामों में भी रोबोट की उपयोगिता बढ़ाने पर काम कर रही है।

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क्या रोबोट सच में इंसानों की जगह ले पाएंगे?

Xiaomi का यह प्रदर्शन काफी दिलचस्प है लेकिन इसे पूरी तरह सफल ऑटोमेशन मानना अभी जल्दबाजी होगी। कंपनी ने 8 घंटे के ट्रायल में कितने पार्ट्स छांटे, कितनी गलतियां हुईं और कितनी बार इंसानी मदद लेनी पड़ी इसकी जानकारी नहीं दी है। रोबोट को चार्ज करने की व्यवस्था भी स्पष्ट नहीं की गई है।

वहीं वीडियो में एक दिलचस्प बात यह भी है कि दो पैरों वाले रोबोट की मदद के लिए पहियों वाले बेस पर लगा रोबोटिक सिस्टम दिखाई देता है। फैक्ट्री जैसे समतल स्थानों पर पहियों का इस्तेमाल ज्यादा स्थिरता और ऊर्जा दक्षता दे सकता है। इसलिए Xiaomi की उपलब्धि को रोबोटिक्स के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण प्रयोग माना जा सकता है लेकिन बड़े स्तर पर तैनाती से पहले इसकी वास्तविक कार्यक्षमता के आंकड़े सामने आना जरूरी है।