क्या तीसरे विश्व युद्ध की आहट? अमेरिका-इजरायल बनाम ईरान जंग में मिसाइलों के साथ साइबर और AI का भी हमला

AI War: मध्य-पूर्व में तनाव चरम पर है। अमेरिका और इजरायल मिलकर ईरान पर लगातार हमले कर रहे हैं, जबकि ईरान भी जवाबी कार्रवाई में पीछे नहीं है। सैन्य ठिकानों, बंकरों और रणनीतिक ठिकानों को निशाना है।
World War III on the horizon US-Israel vs. Iran war will include missiles, cyber and AI attacks.
AI Attack (Source. Freepik)
Published on
Updated on

US Iran War AI Battel: मध्य-पूर्व में तनाव चरम पर है। अमेरिका और इजरायल मिलकर ईरान पर लगातार हमले कर रहे हैं, जबकि ईरान भी जवाबी कार्रवाई में पीछे नहीं है। सैन्य ठिकानों, बंकरों और रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया जा रहा है। मिसाइलें और गोले दागे जा रहे हैं, लेकिन यह संघर्ष अब सिर्फ पारंपरिक युद्ध तक सीमित नहीं रहा।

साइबर अटैक से डिजिटल मोर्चे पर वार

जंग का एक बड़ा मोर्चा साइबर स्पेस में खुल चुका है। ईरान के सरकारी पोर्टल, सैन्य कम्युनिकेशन सिस्टम और डिजिटल नेटवर्क को हैकिंग के जरिए निशाना बनाया जा रहा है। इतना ही नहीं, ईरान में लोकप्रिय ऐप BadeSaba भी साइबर हमले की चपेट में बताया जा रहा है। साइबर अटैक का मकसद सिर्फ सिस्टम ठप करना नहीं होता, बल्कि दुश्मन देश की संचार व्यवस्था को कमजोर करना और आम जनता के बीच असंतोष फैलाना भी होता है। डिजिटल हमलों के जरिए अफवाहें, गलत सूचनाएं और तकनीकी बाधाएं पैदा कर माहौल को अस्थिर किया जाता है।

AI की एंट्री ने बदली जंग की तस्वीर

इस संघर्ष में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अहम भूमिका निभा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, बैन होने के बावजूद Claude जैसे AI टूल का इस्तेमाल अमेरिकी सेना द्वारा रणनीतिक विश्लेषण और डेटा प्रोसेसिंग के लिए किया गया है। AI की मदद से दुश्मन की गतिविधियों का अनुमान, टारगेट की पहचान और हमलों की सटीकता बढ़ाई जा रही है।

ड्रोन स्वॉर्म अटैक: भविष्य की खतरनाक तकनीक

आने वाले समय में AI Drone Swarm तकनीक युद्ध का सबसे घातक हथियार बन सकती है। इस तकनीक के तहत दर्जनों या सैकड़ों ड्रोन एक साथ उड़ान भरते हैं और नेटवर्क के जरिए AI की सहायता से खुद-ब-खुद मिशन को अंजाम देते हैं। हर ड्रोन को अलग-अलग कंट्रोल करने की जरूरत नहीं पड़ती। ईरान पहले ही अपने Shahed-136 ड्रोन के जरिए कई देशों की चिंता बढ़ा चुका है। यह ड्रोन लंबी दूरी तक मार करने में सक्षम माना जाता है और सटीक निशाना साधने की क्षमता रखता है।

पारंपरिक जंग से आगे की लड़ाई

मिसाइल, बम और ड्रोन के साथ-साथ अब डेटा, एल्गोरिदम और कोड भी हथियार बन चुके हैं। यह जंग बताती है कि आधुनिक युद्ध केवल मैदान में नहीं, बल्कि स्क्रीन और सर्वर रूम में भी लड़ा जा रहा है। आने वाले समय में टेक्नोलॉजी इस तरह के संघर्षों का रुख पूरी तरह बदल सकती है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com