

Grok for Government: AI आज के समय में सभी के लिए रोज इस्तेमाल करने वाली चीज हो गई और अब अमेरिकी सेना आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को अपने रोजमर्रा के कामकाज का अहम हिस्सा बनाने की तैयारी में है। बता दें कि US Department of War ने अपने खास AI प्लेटफॉर्म GenAI.mil को अपग्रेड करते हुए इसमें OpenAI के ChatGPT Mil और Elon Musk की कंपनी xAI के Grok for Government को शामिल किया है। यह कदम सिर्फ नए AI ऐप जोड़ने तक सीमित नहीं है बल्कि अमेरिकी सैन्य ढांचे में काम करने और फैसले लेने के तरीके में बड़े बदलाव का संकेत देता है।
GenAI.mil के बारे में बताए तो इसको अमेरिकी रक्षा विभाग ने सैन्य अधिकारियों और कर्मचारियों के काम को आसान बनाने के लिए तैयार किया है। अब इस प्लेटफॉर्म पर अलग-अलग कंपनियों के AI मॉडल उपलब्ध होंगे। जिसका सीधा मतलब है कि सेना किसी एक टेक कंपनी पर निर्भर रहने के बजाय कई AI सिस्टम का इस्तेमाल कर सकेगी। बताया जा रहा है कि इसका फायदा खास तौर पर दस्तावेज तैयार करने, जानकारी का विश्लेषण करने, प्लानिंग, पॉलिसी और प्रशासन जैसे कामों में मिल सकता है। AI के जरिए ऐसे कई दोहराए जाने वाले काम तेजी से पूरे किए जा सकेंगे जिससे कर्मचारियों को ज्यादा महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों पर ध्यान देने का समय मिलेगा।
जैसा कि सभी को पता है कि सैन्य क्षेत्र में डेटा की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में होती है। इसी वजह से ChatGPT Mil और Grok for Government को Impact Level 5 (IL5) सिक्योरिटी अप्रूवल दिया गया है। इसका उद्देश्य संवेदनशील सैन्य वातावरण में AI टूल्स के सुरक्षित इस्तेमाल को संभव बनाना है। वहीं ChatGPT Mil को OpenAI और अमेरिकी सेना के बीच 2025 में हुई साझेदारी का अगला चरण माना जा रहा है। जिसमें जानकारी मिल रही है कि इसका अनुभव सामान्य ChatGPT जैसा हो सकता है लेकिन इसे सैन्य जरूरतों के हिसाब से सुरक्षित वातावरण में इस्तेमाल करने के लिए तैयार किया गया है। जिसमें फाइलों के साथ काम करने, चैटिंग, प्रोजेक्ट मैनेजमेंट और कस्टम GPTs जैसे फीचर्स शामिल हैं।
दूसरी ओर Elon Musk की xAI का Grok for Government अपनी रीजनिंग और समस्या सुलझाने की क्षमता के लिए चर्चा में है। इसमें Auto, Fast और Expert जैसे मोड उपलब्ध हैं जो अलग-अलग जरूरतों के मुताबिक जवाब और विश्लेषण देने में मदद कर सकते हैं। वहीं Grok के Playbooks और वर्कस्पेस जैसे फीचर्स सैन्य अनुभव और प्रक्रियाओं को व्यवस्थित करने में उपयोगी हो सकते हैं। जिसमें लॉजिस्टिक्स, खरीद और मार्केट रिसर्च जैसे क्षेत्रों में भी इसका इस्तेमाल किया जा सकता है।
जानकारी के लिए बता दें कि GenAI.mil की शुरुआत के करीब नौ महीने में ही इसे 17 लाख से ज्यादा यूजर्स अपना चुके हैं। अब अमेरिकी रक्षा विभाग की नजर करीब 30 लाख सैन्य कर्मचारियों और स्टाफ तक इस तकनीक को पहुंचाने पर है। वहीं कई AI कंपनियों को प्लेटफॉर्म पर शामिल करने की रणनीति का एक मकसद किसी एक वेंडर पर निर्भरता कम करना भी है। साथ ही अमेरिकी सेना को अलग-अलग AI मॉडलों के बीच प्रतिस्पर्धा का फायदा मिल सकता है।
कुल मिलाकर ChatGPT Mil और Grok की एंट्री बताती है कि आधुनिक सैन्य ताकत में AI और डेटा की भूमिका तेजी से बढ़ रही है। भविष्य में रणनीति, लॉजिस्टिक्स, रिसर्च और निर्णय लेने जैसे क्षेत्रों में AI अमेरिकी सेना के काम करने के तरीके को काफी हद तक बदल सकता है