UPI यूजर्स सावधान, Digital Lutera मालवेयर से खाते से उड़ सकते हैं पैसे, मोबाइल में ये गलती पड़ सकती है भारी
UPI Scam: ऑनलाइन पेमेंट के लिए UPI और नेट बैंकिंग का इस्तेमाल करते हैं। इससे पैसे भेजना और बिल भरना आसान हो गया है। लेकिन, जैसे-जैसे डिजिटल पेमेंट बढ़ रहे हैं, साइबर फ्रॉड भी बढ़ रहा है।
- Written By: सिमरन सिंह
UPI System (Source. Freepik)
Digital Lutera What Is Malware: आजकल ज़्यादातर लोग ऑनलाइन पेमेंट के लिए UPI और नेट बैंकिंग का इस्तेमाल करते हैं। इससे पैसे भेजना और बिल भरना आसान हो गया है। लेकिन, जैसे-जैसे डिजिटल पेमेंट बढ़ रहे हैं, साइबर फ्रॉड के नए तरीके भी सामने आ रहे हैं।
हाल ही में, “डिजिटल लुटेरा” नाम का एक खतरनाक नया मैलवेयर सामने आया है। यह मैलवेयर खास तौर पर एंड्रॉयड यूज़र्स को टारगेट करता है और उनके UPI अकाउंट से पैसे चुरा सकता है। खास बात यह है कि पुराने बैंकिंग स्कैम के उलट, यह यूज़र्स को कॉल या मैसेज के ज़रिए धोखा नहीं देता, बल्कि चुपचाप उनके मोबाइल डिवाइस का एक्सेस ले लेता है।
क्या है ‘Digital Lutera’ मालवेयर
टेक रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस मैलवेयर के बारे में सबसे पहले Gadgets360 ने रिपोर्ट किया था। यह आम ऑनलाइन फ्रॉड की तरह काम नहीं करता, जिसमें स्कैमर यूज़र्स को किसी लिंक पर क्लिक करने के लिए कॉल या मैसेज भेजते हैं।
सम्बंधित ख़बरें
खाते से उड़ सकते हैं पैसे, FASTag के नाम पर नया स्कैम, हो जाए सतर्क वरना पड़ेगा महंगा
इंटरनेट नहीं तो भी पेमेंट रुकेगा नहीं: UPI 123Pay से अब कॉल करके भेजें पैसे
50 रुपये का लालच, 500 रुपये का नुकसान, नया UPI Scam कर रहा है लोगों को कंगाल
गलत UPI पेमेंट हो गया? घबराएं नहीं, राजस्थान पुलिस ने बताया रिफंड पाने का आसान तरीका
“डिजिटल लुटेरा” एक फ्रॉड टूलकिट है जो UPI बैंक अकाउंट वेरिफिकेशन और SMS-बेस्ड OTP वेरिफिकेशन को बायपास कर सकता है। यह मैलवेयर APK फ़ाइल के ज़रिए फ़ोन पर इंस्टॉल होता है और यूज़र की जानकारी के बिना डेटा एक्सेस कर सकता है।
कैसे काम करता है यह खतरनाक मालवेयर
यह मैलवेयर ज़्यादातर APK फ़ाइलों के ज़रिए फैलता है। जब कोई यूज़र किसी शक वाले लिंक से APK फ़ाइल डाउनलोड करता है, तो यह उसके मोबाइल फ़ोन में इंस्टॉल हो जाता है। इंस्टॉलेशन के दौरान, ऐप SMS पढ़ने और लिखने की परमिशन मांगता है। जैसे ही यूज़र ये परमिशन दे देता है, मैलवेयर बैकग्राउंड में एक्टिवेट हो जाता है। फिर यह मोबाइल फ़ोन पर आए बैंकिंग वेरिफ़िकेशन मैसेज और OTP पढ़ सकता है। इस जानकारी का इस्तेमाल करके, हैकर्स यूज़र के बैंक अकाउंट का एक्सेस पा लेते हैं और पैसे ट्रांसफ़र कर लेते हैं।
इस मामले पर NPCI ने क्या कहा
UPI प्लेटफॉर्म को चलाने वाली संस्था, नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ़ इंडिया (NPCI) ने इस मामले पर सफाई दी है। NPCI का कहना है कि इस मैलवेयर से जुड़ी रिपोर्ट्स को एनालाइज़ किया गया है और UPI सिस्टम में यूज़र्स की सुरक्षा के लिए पहले से ही काफ़ी सिक्योरिटी उपाय मौजूद हैं। फिर भी, यूज़र्स को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी तरह के डिजिटल फ्रॉड से बचने के लिए सावधानी बरतें।
ऐसे स्कैम से कैसे बचें
अगर आप Android फ़ोन इस्तेमाल करते हैं, तो आप कुछ आसान सावधानियां बरतकर खुद को सुरक्षित रख सकते हैं।
- हमेशा Google Play Store जैसे भरोसेमंद प्लेटफ़ॉर्म से ही ऐप डाउनलोड करें।
- अनजान लिंक या मैसेज से APK फ़ाइलें डाउनलोड करने से बचें।
- अपने फ़ोन में हमेशा Google Play Protect फ़ीचर चालू रखें।
- अपने मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम और ऐप को रेगुलर अपडेट करें।
ये आसान सावधानियां आपके बैंक अकाउंट और डिजिटल पेमेंट को सुरक्षित रखने में मदद कर सकती हैं।
