

TRAI New Rule: मोबाइल पर आने वाले हर कॉल को लेकर अब थोड़ा ज्यादा सतर्क और समझदार रहना आसान हो सकता है। क्योंकि टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) ने बिजली, पानी, गैस, LPG और कुरियर जैसी जरूरी सेवाओं से जुड़े कॉल के लिए 1601 नंबर सीरीज शुरू करने का फैसला किया है। इस पहल का मकसद सर्विस और ट्रांजैक्शन से जुड़े असली कॉल को सामान्य मोबाइल नंबरों से आने वाले संभावित फ्रॉड कॉल से अलग पहचानने में मदद करना है।
देखा जा रहा है कि अभी के लिए बैंक, कंपनियों और अलग-अलग सर्विस प्रोवाइडर्स के कई कॉल सामान्य 10 अंकों वाले मोबाइल नंबरों से आते हैं। साइबर ठग इसी स्थिति का फायदा उठाकर खुद को बैंक कर्मचारी, बिजली कंपनी का अधिकारी या कुरियर एजेंट बताकर लोगों को फोन करते हैं। ऐसे में 1601 जैसी अलग नंबर सीरीज लोगों के लिए एक शुरुआती पहचान का काम कर सकती है। जिसका सीधा मतलब है कि अगर किसी जरूरी सर्विस से जुड़ा कॉल इस सीरीज से आता है तो ग्राहक के लिए यह समझना आसान हो सकता है कि कॉल किसी अधिकृत संस्था से जुड़ा है।
जानकारी में बताया जा रहा है कि TRAI ने 1601 सीरीज को चरणबद्ध तरीके से लागू करने का फैसला किया है। जिसको पहले चरण में यूटिलिटी, कुरियर और लॉजिस्टिक्स सेक्टर को शामिल किया गया है। इसमें बिजली वितरण कंपनियां, पानी की सेवाएं, सिटी गैस कंपनियां और LPG डिस्ट्रीब्यूटर्स शामिल होंगे। इसके अलावा कुरियर, पार्सल डिलीवरी, एक्सप्रेस लॉजिस्टिक्स और फ्रेट कंपनियां भी इस नंबर सीरीज का इस्तेमाल कर सकेंगी। पात्र संस्थाओं की ऑनबोर्डिंग और माइग्रेशन प्रक्रिया टेलीकॉम कंपनियों को 90 दिनों के भीतर पूरी करनी होगी।
बताया जा रहा है कि 1601 नंबर सीरीज का इस्तेमाल करने वाली कंपनियों की टेलीकॉम ऑपरेटरों द्वारा जांच की जाएगी। इसका मतलब है कि कोई भी संस्था मनमाने तरीके से 1601 नंबर हासिल नहीं कर सकेगी। वहीं TRAI ने यह भी स्पष्ट किया है कि 1601 सीरीज से प्रमोशनल या विज्ञापन वाले कॉल नहीं किए जा सकेंगे। इसका इस्तेमाल केवल जरूरी सर्विस और ट्रांजैक्शन से संबंधित कॉल के लिए होगा।
यह बदलाव फर्जी कॉल की पहचान में मदद कर सकता है लेकिन इसे साइबर फ्रॉड का पूरी तरह समाधान नहीं माना जा सकता। यूजर्स को 1601 नंबर देखकर भी आंख बंद करके भरोसा नहीं करना चाहिए। अगर कोई कॉलर OTP, PIN, पासवर्ड या बैंकिंग जानकारी मांगता है तो ऐसी जानकारी फोन पर बिल्कुल शेयर न करें।