

Cyber Security In India: आज के समय में भारत तेजी से डिजिटल अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ता जा रहा है लेकिन इसके साथ साइबर अपराध की रफ्तार भी तेज हो गई हैं। जिसको लेकर हाल ही में आई थ्रेट इंटेलिजेंस फर्म Cyble की रिपोर्ट ने चिंता बढ़ा दी है। इस रिपोर्ट में जानकारी सामने आई कि इस साल 2026 के पहले छह महीनों में भारत एशिया-प्रशांत (APAC) क्षेत्र में रैंसमवेयर साइबर हमलों का दूसरा सबसे बड़ा शिकार रहा। वहीं इन आंकड़ा से यह तो साफ संकेत मिलता है कि देश की डिजिटल सुरक्षा के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो चुकी है।
बता दें कि Cyble Research and Intelligence Labs (CRIL) की रिपोर्ट में बताया गया कि जनवरी 2026 से जून 2026 के बीच भारत में 77 रैंसमवेयर हमले दर्ज किए गए। इसी के साथ भारत हैकर्स के निशाने पर आने वाले देशों की वैश्विक सूची में 9वें स्थान पर पहुंच गया है। वहीं APAC क्षेत्र में केवल थाईलैंड भारत से आगे रहा जहां इस अवधि में 85 रैंसमवेयर हमले दर्ज किए गए थे। वहीं विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल सेवाओं के तेजी से विस्तार के साथ साइबर सुरक्षा को मजबूत करना अब पहले से कहीं अधिक जरूरी हो गया है।
वहीं रिपोर्ट के दौरान शोधकर्ताओं ने APAC क्षेत्र में 496 रैंसमवेयर हमलों, 19 डेटा लीक की घटनाओं और शुरुआती एक्सेस बेचने वाली 20 लिस्टिंग का विश्लेषण किया है। वहीं रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि साइबर खतरे लगातार अधिक जटिल होते जा रहे हैं और इनमें सरकार समर्थित हैकिंग ग्रुप्स की भूमिका भी बढ़ रही है। वहीं निगरानी किए गए 123 थ्रेट एक्टर प्रोफाइल्स में से 54 यानी लगभग 44% एडवांस्ड पर्सिस्टेंट थ्रेट (APT) ग्रुप्स थे। इनमें SideCopy, SharpPanda, Kimsuky और UNC3886 जैसे समूह शामिल हैं जो पहले भी सरकारी एजेंसियों, रक्षा संगठनों और बड़े IT नेटवर्क को निशाना बना चुके हैं।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर सबसे ज्यादा प्रभावित रहा जहां 49 से अधिक रैंसमवेयर हमले दर्ज किए गए। इसके बाद IT और IT-Enabled Services पर 30 जबकि बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज और इंश्योरेंस (BFSI) सेक्टर पर 22 हमले हुए। हेल्थकेयर, कंज्यूमर गुड्स, प्रोफेशनल सर्विसेज और कंस्ट्रक्शन सेक्टर भी हैकर्स के निशाने पर रहे।
रिपोर्ट में बताया गया कि The Gentlemen सबसे सक्रिय Ransomware-as-a-Service (RaaS) ऑपरेटर रहा, जिसने APAC में 114 हमलों (23%) को अंजाम दिया। इसके बाद Qilin (64 हमले) और LockBit (38 हमले) का स्थान रहा। इन तीनों ग्रुप्स ने मिलकर क्षेत्र में दर्ज रैंसमवेयर हमलों के दो-पांचवें से अधिक मामलों को अंजाम दिया। रिपोर्ट के अनुसार, 2026 की पहली छमाही में दुनिया भर में 3,836 रैंसमवेयर हमले और 367 डेटा लीक की घटनाएं सामने आईं जो साइबर सुरक्षा को लेकर बढ़ती चुनौतियों का स्पष्ट संकेत हैं।