

Mars exploration water on Mars: मंगल ग्रह पर मानव जीवन की संभावना को लेकर एक बड़ी उम्मीद जगी है। हाल ही में वैज्ञानिकों ने मंगल ग्रह की सतह पर ऐसे ग्लेशियर खोजे हैं जो 80% से ज़्यादा शुद्ध पानी की बर्फ से बने हैं। कुछ जगहों पर ये ग्लेशियर पूरी तरह से बर्फ से बने हैं। इस खोज को बेहद महत्वपूर्ण मानते हुए वैज्ञानिकों ने कहा कि यह मंगल ग्रह पर भविष्य के मानव मिशनों के लिए उपयोगी साबित हो सकता है।
यह जानकारी नासा के मार्स रिकॉनिसेंस ऑर्बिटर पर लगे एक विशेष रडार उपकरण ‘SHARAD’ (Shallow Radar) की मदद से प्राप्त हुई है। यह अध्ययन प्रतिष्ठित वैज्ञानिक पत्रिका Science Direct में प्रकाशित हुआ है। शोधकर्ता स्मिथ और ओडेड आरोनसन ने कहा, "मंगल की सतह पर मौजूद यह बर्फ भविष्य के लिए एक अमूल्य संसाधन हो सकती है।"
वैज्ञानिकों के अनुसार, ये ग्लेशियर ज़्यादातर धूल से ढके हुए हैं और मंगल ग्रह के पहाड़ी क्षेत्रों की ढलानों पर स्थित हैं। पहले माना जाता था कि इन ग्लेशियरों में केवल 30% बर्फ है और बाकी मलबा या चट्टानें हैं। लेकिन हालिया शोध से पता चला है कि ये लगभग पूरी तरह से शुद्ध पानी की बर्फ से बने हैं, जिससे मंगल ग्रह पर जीवन की संभावनाएँ और भी प्रबल हो गई हैं।
अगर भविष्य में मनुष्य मंगल ग्रह पर बस गए, तो स्वच्छ पानी सबसे ज़रूरी ज़रूरत होगी। इन ग्लेशियरों से पीने का पानी आसानी से निकाला जा सकता है।
इलेक्ट्रोलिसिस प्रक्रिया के ज़रिए पानी से ऑक्सीजन निकाली जा सकती है, जो साँस लेने के लिए उपयोगी होगी।
पानी से हाइड्रोजन और ऑक्सीजन को अलग करके रॉकेट ईंधन बनाया जा सकता है, जो वापसी या अन्य अभियानों के लिए उपयोगी होगा।
गंदी बर्फ से पानी निकालने में ज़्यादा ऊर्जा लगती है, लेकिन मंगल ग्रह पर शुद्ध बर्फ से कम ऊर्जा में ज़्यादा पानी निकाला जा सकता है।
यह खोज वैज्ञानिकों को मंगल ग्रह के मौसम, जलवायु और भूवैज्ञानिक इतिहास के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी देगी।
वैज्ञानिकों का मानना है कि यह बर्फ या तो पृथ्वी की तरह बर्फबारी से बनी है या फिर सतह के बेहद ठंडे तापमान के कारण सीधे जम गई होगी।
मंगल ग्रह पर इतनी बड़ी मात्रा में शुद्ध जल बर्फ की खोज भविष्य के अंतरिक्ष अभियानों की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह न केवल मंगल ग्रह पर मानव जीवन को टिकाऊ बना सकता है, बल्कि वहाँ से आगे के अंतरिक्ष अभियानों के लिए एक ठोस आधार भी प्रदान कर सकता है।