

Param Pragya Supercomputer: भारत ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग के क्षेत्र में एक और बड़ा कदम बढ़ाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने IIT दिल्ली के सोनीपत कैंपस में AI-पावर्ड हाई-परफॉर्मेंस सुपरकंप्यूटिंग फैसिलिटी परम प्रज्ञा का उद्घाटन किया है। इसे देश में रिसर्च, AI डेवलपमेंट और वैज्ञानिक प्रयोगों को नई रफ्तार देने वाली महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इसकी मदद से जटिल वैज्ञानिक समस्याओं पर तेज गति से काम किया जा सकेगा और बड़े डेटा सेट का विश्लेषण भी कम समय में संभव होगा।
परम प्रज्ञा के बारे में बताए तो इसको खास तौर पर AI और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग से जुड़े कामों के लिए तैयार किया गया है। वहीं सामान्य कंप्यूटरों की तुलना में इसकी कंप्यूटिंग क्षमता कई गुना अधिक है। यह बड़े डेटा और जटिल एल्गोरिदम को तेजी से प्रोसेस करने में सक्षम है। इसका मुख्य उद्देश्य वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और शोधकर्ताओं को ऐसी कंप्यूटिंग शक्ति उपलब्ध कराना है जिसकी जरूरत अत्याधुनिक रिसर्च में पड़ती है। जिसका सीधा मतलब है कि जिन गणनाओं में सामान्य सिस्टम को काफी समय लग सकता है उन्हें सुपरकंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की मदद से कहीं तेजी से पूरा किया जा सकता है।
परम प्रज्ञा में आधुनिक GPU क्लस्टर और AI एक्सीलरेटर जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया है। ये सिस्टम डीप लर्निंग और बड़े AI मॉडल की ट्रेनिंग को तेज करने में मदद करते हैं। इसकी पेटाफ्लॉप्स स्तर की प्रोसेसिंग क्षमता एक सेकंड में बेहद बड़ी संख्या में गणनाएं करने की क्षमता देती है। इसके अलावा इसमें पेटाबाइट स्तर की स्टोरेज क्षमता भी बताई गई है। इससे बड़े वैज्ञानिक डेटा सेट को सुरक्षित रखने और उसका तेजी से विश्लेषण करने में मदद मिलेगी। AI के दौर में डेटा जितना बड़ा और जटिल होता जा रहा है ऐसे कंप्यूटिंग सिस्टम की जरूरत भी उतनी ही बढ़ रही है।
इसके साथ ही बता दें रम प्रज्ञा का इस्तेमाल सिर्फ AI मॉडल तैयार करने तक सीमित नहीं रहेगा। इससे मौसम की भविष्यवाणी, चक्रवात और जलवायु परिवर्तन जैसे क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर डेटा का विश्लेषण किया जा सकता है। वहीं जानकारी यह भी है कि मेडिकल रिसर्च में नई दवाओं की खोज और उनके परीक्षण से जुड़े कंप्यूटेशनल कामों को भी गति मिल सकती है। वहीं विमान, कार और दूसरी जटिल मशीनों की 3D डिजाइनिंग, सिमुलेशन और सुरक्षा परीक्षण में इसका इस्तेमाल किया जा सकता है।
इसको लेकर सामने आया है कि यह भारतीय भाषाओं के AI मॉडल, कंप्यूटर विजन और दूसरे एडवांस्ड मॉडल की ट्रेनिंग में भी यह सुविधा महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि भारतीय शोधकर्ताओं को हाई-एंड कंप्यूटिंग संसाधनों के लिए बाहरी सिस्टम पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी। ऐसे समय में जब AI तेजी से रिसर्च और इंडस्ट्री का हिस्सा बन रहा है, परम प्रज्ञा जैसी सुविधाएं भारत के रिसर्च इकोसिस्टम को मजबूत करने और देश में ही बड़े वैज्ञानिक प्रयोगों को आगे बढ़ाने में अहम साबित हो सकती हैं।