OnePlus का बड़ा फैसला, अब यूरोप और अमेरिका में नहीं लॉन्च होंगे नए फोन, जानिए कंपनी ने क्यों बदली रणनीति

OnePlus Closed: Flagship Killer के नाम से पहचान बनाने वाली OnePlus ने बड़ा फैसला लिया है। कंपनी ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि कर दी है कि अब वह यूरोप और उत्तरी अमेरिका में नए स्मार्टफोन लॉन्च नहीं करेंगे।
OnePlus New phones will no longer be launched in Europe and America
OnePlus (Source. Gemini)
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OnePlus Europe And North America Exit: स्मार्टफोन बाजार में कभी Flagship Killer के नाम से पहचान बनाने वाली OnePlus ने बड़ा फैसला लिया है। बता दें कि कंपनी ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि कर दी है कि अब वह यूरोप और उत्तरी अमेरिका में अपने नए स्मार्टफोन लॉन्च नहीं करेगी। जिसका सीधा मतलब है कि इन बाजारों में OnePlus 15 कंपनी का आखिरी फ्लैगशिप फोन साबित हो सकता है। वहीं पिछले कुछ महीनों से इस फैसले को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं। लेकिन कंपनी ने पहले इन खबरों से इनकार किया था लेकिन अब उसकी नई घोषणा ने तस्वीर साफ कर दी है। इससे स्मार्टफोन इंडस्ट्री में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

क्यों लिया OnePlus ने यह बड़ा फैसला?

इन नए फैसले को लेकर OnePlus ने अपने आधिकारिक बयान में कहा, "अपनी ग्लोबल रणनीति में बदलाव के तहत, OnePlus ने यूरोप और नॉर्थ अमेरिका में नए प्रोडक्ट लॉन्च करने का काम बंद करने का फ़ैसला किया है।" बता दें कि महामारी के बाद से कंपनी का फोकस लगातार भारत की ओर बढ़ता गया है। वहीं अपनी पैरेंट कंपनी Oppo के साथ OnePlus का इंटीग्रेशन भी तेजी से बढ़ा है।

अब दोनों कंपनियों के सॉफ्टवेयर और डिवाइस रणनीति में काफी समानता देखने को मिल रही है। हालांकि यूरोप और अमेरिका में मौजूदा OnePlus स्मार्टफोन की बिक्री और सॉफ्टवेयर सपोर्ट जारी रहेगा लेकिन भविष्य में वहां नए मॉडल लॉन्च नहीं किए जाएंगे।

अब सिर्फ इन बाजारों पर रहेगा फोकस

रिपोर्ट में सामने आया है कि फिलहाल OnePlus के नए स्मार्टफोन केवल भारत और चीन में लॉन्च किए जाएंगे। इसके अलावा Android 17 अपडेट के साथ OnePlus के स्मार्टफोन OxygenOS की जगह Oppo के ColorOS पर शिफ्ट हो जाएंगे। जिसका सीधा मतलब है कि आने वाले समय में दोनों ब्रांड का सॉफ्टवेयर अनुभव लगभग एक जैसा हो सकता है। लेकिन कंपनी के भारत में भी 2027 के बाद भविष्य को लेकर कुछ रिपोर्ट्स सामने आई हैं जिसमें अभी के लिए इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

AI दौर में बढ़ती लागत बनी बड़ी चुनौती

मामले को लेकर विशेषज्ञों का मानना है कि AI टेक्नोलॉजी के बढ़ते इस्तेमाल के कारण RAM और NAND Flash जैसे जरूरी कंपोनेंट्स की कीमतों में तेजी आई है। फ्लैगशिप स्मार्टफोन की कुल लागत में अब केवल RAM का हिस्सा ही 25 प्रतिशत से अधिक हो गया है। इसी वजह से कई कंपनियां अपनी रणनीति बदल रही हैं। Asus पहले ही अपने स्मार्टफोन कारोबार को Pause करने की घोषणा कर चुकी है जबकि Samsung और Motorola ने कीमतें बढ़ा दी हैं।

Apple ने अब तक कीमतें स्थिर रखी हैं लेकिन नए iPhone के साथ दाम बढ़ने की चर्चाएं भी तेज हैं। इसके साथ ही OnePlus के इस फैसले से यूरोप और खासकर अमेरिका में स्मार्टफोन विकल्प और सीमित हो जाएंगे। ऐसे में आने वाले सालों में Samsung और Apple का दबदबा और मजबूत होने की संभावना जताई जा रही है।

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