दुनिया की सबसे बड़ी चिपमेकर Nvidia का बड़ा दांव, Intel में करेगी 5 अरब डॉलर का निवेश

Nvidia ने ऐलान किया है कि वह Intel में 5 अरब डॉलर का निवेश करेगा। इस निवेश से एक बार फिर Intel को लोगों को पसंद का बनने की रेस में आने का मौका मिलेगा।
दुनिया की सबसे बड़ी चिपमेकर Nvidia का बड़ा दांव, Intel में करेगी 5 अरब डॉलर का निवेश
nvidia और Intel की साझेदारी। (सौ. Intel)
Published on: 
Updated on: 

Nvidia Intel investment: दुनिया की अग्रणी चिप निर्माता कंपनी Nvidia ने गुरुवार को बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि वह Intel में 5 अरब डॉलर का निवेश करेगी। यह निवेश कंपनी Intel के कॉमन स्टॉक को 23.28 डॉलर प्रति शेयर की दर से खरीदकर करेगी। हालांकि, इस डील को अंतिम रूप देने से पहले नियामकीय मंजूरी अनिवार्य होगी।

AI और पर्सनल कंप्यूटर पर साझेदारी

Nvidia और Intel की यह साझेदारी सिर्फ वित्तीय निवेश तक सीमित नहीं रहेगी। दोनों कंपनियां मिलकर कस्टम डेटा सेंटर्स और पर्सनल कंप्यूटर प्रोडक्ट्स पर काम करेंगी। इन डेटा सेंटर्स को भविष्य के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इंफ्रास्ट्रक्चर का आधार माना जा रहा है। Nvidia का मानना है कि यह गठजोड़ दोनों कंपनियों के इकोसिस्टम को मजबूती देगा और नेक्स्ट जेनरेशन कंप्यूटिंग को एक नई दिशा प्रदान करेगा।

जेनसन हुआंग का बयान

Nvidia के CEO जेनसन हुआंग ने इस ऐतिहासिक करार पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "यह ऐतिहासिक साझेदारी Nvidia के AI और एक्सीलरेटेड कंप्यूटिंग स्टैक को Intel के CPUs और x86 इकोसिस्टम के साथ जोड़ती है। हम मिलकर टेक्नोलॉजी की नई नींव रखेंगे।"

Intel के लिए राहत और नया सहारा

एक समय पर PC प्रोसेसर की बादशाह कही जाने वाली Intel, मोबाइल कंप्यूटिंग की रेस में iPhone के आने के बाद पिछड़ गई थी। वहीं, हाल के वर्षों में AI के तेजी से विस्तार ने Nvidia को दुनिया की सबसे वैल्यूएबल कंपनी बना दिया है, जबकि Intel लगातार संघर्ष करती रही। Nvidia का यह निवेश Intel के लिए बड़ी राहत और नया सहारा साबित हो सकता है। इस घोषणा के तुरंत बाद शेयर बाजार में बड़ा उछाल देखने को मिला। प्री-मार्केट ट्रेडिंग में Intel के शेयर 30% तक चढ़ गए, जबकि Nvidia के शेयरों में भी 3% की मजबूती दर्ज की गई।

ध्यान दें

Nvidia और Intel के बीच यह सहयोग न सिर्फ दोनों कंपनियों के लिए बल्कि पूरे टेक उद्योग के लिए ऐतिहासिक साबित हो सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस साझेदारी से AI और कंप्यूटिंग का भविष्य और भी तेज़ी से आकार लेगा। जिससे आने वाले समय में Intel अपनी पुरानी पहचान को वापस पा सकता है और एक बार फिर लोगों का पसंदीदा बन सकता है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com