अब बिना ऐप खोले सिर्फ बोलकर मंगाइए खाना, Swiggy का नया AI फीचर मचाएगा धूम

Swiggy Voice Order: ऑनलाइन फूड ऑर्डर करने का तरीका तेजी से बदल रहा है। अब आपको ऐप खोलकर टाइप करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। बस बोलिए और आपका खाना, ग्रॉसरी या टेबल बुकिंग मिनटों में हो जाएगी।
Now order food just by speaking without even opening the app Swiggy's new AI feature
Swiggy and Sarvam (Source. Design)
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AI Food Delivery India: भारत में ऑनलाइन फूड ऑर्डर करने का तरीका तेजी से बदल रहा है। अब आपको ऐप खोलकर टाइप करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। बस बोलिए और आपका खाना, ग्रॉसरी या टेबल बुकिंग मिनटों में हो जाएगी। दरअसल, Swiggy ने स्वदेशी AI स्टार्टअप Sarvam AI के साथ मिलकर वॉयस-आधारित कॉमर्स फीचर लॉन्च किया है, जो यूजर्स के अनुभव को पूरी तरह बदल सकता है।

अब बोलिए और ऑर्डर हो जाएगा तैयार

इस नए सिस्टम के तहत Swiggy की तीनों सेवाएं फूड डिलीवरी, इंस्टामार्ट और डाइनआउट को एक ही प्लेटफॉर्म पर वॉयस के जरिए इस्तेमाल किया जा सकेगा। मान लीजिए आप कहते हैं, "मुझे एक पनीर मटर की सब्जी और दो तवा रोटी चाहिए", तो AI आपकी बात समझकर खुद ऑर्डर प्लेस कर देगा। इससे न केवल समय बचेगा, बल्कि टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल भी बेहद आसान हो जाएगा।

हिंदी समेत कई भाषाओं में करेगा काम

इस फीचर की सबसे खास बात यह है कि यह सिर्फ इंग्लिश तक सीमित नहीं है। Sarvam AI का मॉडल हिंदी सहित 10 से ज्यादा भारतीय भाषाओं को सपोर्ट करता है। इसका सीधा फायदा छोटे शहरों और उन लोगों को मिलेगा जो इंग्लिश में सहज नहीं हैं। अब हर कोई अपनी भाषा में आसानी से ऑनलाइन ऑर्डर कर सकेगा।

AI असिस्टेंट संभालेगा पूरा प्रोसेस

इस टेक्नोलॉजी के पीछे Sarvam का AI असिस्टेंट "Indus" काम करता है। यह यूजर की आवाज को समझकर सर्च से लेकर ऑर्डर और पेमेंट तक पूरा प्रोसेस खुद संभालता है। इसमें Razorpay का पेमेंट सिस्टम भी जोड़ा गया है, जिससे यूजर्स बोलकर ही पेमेंट भी कर सकते हैं। यानी पूरा अनुभव एंड-टू-एंड ऑटोमेटेड होगा।

बिना ऐप और इंटरनेट के भी होगा ऑर्डर

AI Impact Summit में इस फीचर का डेमो भी दिखाया गया, जहां यूजर्स बिना ऐप और इंटरनेट के भी ऑर्डर कर पा रहे थे। Sarvam AI के चैट प्लेटफॉर्म Indus पर Swiggy को इंटिग्रेट किया गया है, जिससे बातचीत के दौरान ही खाना या सामान ऑर्डर किया जा सकता है। कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक, सिर्फ फोन कॉल के जरिए भी ऑर्डर करना संभव हो सकता है।

आम लोगों के लिए क्यों है गेम चेंजर?

भारत में अभी भी करोड़ों लोग ऐसे हैं जो ऐप्स का इस्तेमाल आसानी से नहीं कर पाते, खासकर भाषा की वजह से। ऐसे में यह वॉयस-आधारित सिस्टम उनके लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है। जैसे कैब ड्राइवर्स और छोटे दुकानदार गूगल वॉयस सर्च का इस्तेमाल करते हैं, वैसे ही अब खाना मंगाना भी आसान हो जाएगा।

क्या बदलेगा आगे?

अगर यह टेक्नोलॉजी सफल होती है, तो भविष्य में स्क्रीन की जरूरत कम हो सकती है और बातचीत ही नया इंटरफेस बन जाएगा।

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