विराट कोहली और निर्मला सीतारमण के नाम पर लोगों से हो रही ठगी, इन चीजों से रहे सावधान

Virat Kohli and Nirmala Sitharaman Deepfake: साइबर ठग अब लोगों को फंसाने के लिए AI तकनीक और Deepfake वीडियोज का सहारा ले रहे हैं। ऐसे में सावधान रहने की जरूरत ज्यादा है।
विराट कोहली और निर्मला सीतारमण के नाम पर लोगों से हो रही ठगी, इन चीजों से रहे सावधान
Deepfake को इस्तेमाल कर हो रहा धोखा। (सौ. Design)
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Deepfake Scam: साइबर ठग अब लोगों को फंसाने के लिए AI तकनीक और Deepfake वीडियोज का सहारा ले रहे हैं। कभी "डिजिटल अरेस्ट" तो कभी "वर्क फ्रॉम होम" का झांसा देने वाले स्कैमर्स अब नामी हस्तियों के फर्जी वीडियो बनाकर लोगों से ठगी कर रहे हैं। हाल ही में सोशल मीडिया पर ऐसे कई वीडियो वायरल हो रहे हैं जिनमें विराट कोहली, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, और अनंत अंबानी जैसे प्रसिद्ध चेहरों को दिखाया गया है लेकिन ये सभी वीडियो पूरी तरह फर्जी (AI Generated Deepfake Videos) हैं।

फर्जी स्टॉक ट्रेडिंग ऐप्स का प्रमोशन

बेंगलुरू साइबरक्राइम पुलिस ने इस मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है। रिपोर्ट्स के अनुसार, सब-इंस्पेक्टर रोहिणी रेड्डी ने 1 से 3 नवंबर के बीच ऐसे कई Deepfake वीडियो सोशल मीडिया पर देखे। इन वीडियो में लोकप्रिय हस्तियों के जरिए कुछ फर्जी स्टॉक ट्रेडिंग ऐप्लिकेशन्स को प्रमोट किया जा रहा है।

वीडियो में लोगों से इन ऐप्स को डाउनलोड कर निवेश करने के लिए कहा जा रहा है, और दावा किया जा रहा है कि उन्हें ₹10,000 से ₹1 लाख तक का रिटर्न मिलेगा। कुछ वीडियोज में ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म्स में पैसे लगाने की भी बात कही जा रही है।

पुलिस के मुताबिक, साइबर अपराधी इन वीडियोज के जरिए लोगों को धोखा देकर उनकी मेहनत की कमाई लूटना चाहते हैं। इस मामले में IT एक्ट और भारत न्याय संहिता की धारा 318 के तहत केस दर्ज किया गया है।

कैसे करते हैं स्कैमर्स लोगों को शिकार?

Deepfake स्कैम का सबसे खतरनाक पहलू यह है कि वीडियो में दिखने वाला व्यक्ति असली लगता है। स्कैमर्स मशहूर लोगों के चेहरे और आवाज़ को एडिट करके ऐसा वीडियो बनाते हैं मानो वही व्यक्ति किसी ऐप या निवेश स्कीम की सिफारिश कर रहा हो। इससे यूजर्स का भरोसा बढ़ जाता है और वे फर्जी ऐप में पैसा लगा देते हैं।

कैसे पहचानें Deepfake वीडियो?

  • वीडियो की क्वालिटी पर ध्यान दें Deepfake वीडियो में अक्सर लिप सिंक मेल नहीं खाता।
  • आवाज़ और चेहरे की हरकतों में असमानता होती है।
  • ऐसे वीडियोज में जिन ऐप्स या वेबसाइट्स की बात होती है, वे किसी भरोसेमंद प्लेटफॉर्म पर मौजूद नहीं होते।
  • अगर वीडियो में कम समय में ज्यादा मुनाफे का लालच दिया जा रहा है, तो समझ लीजिए यह स्कैम है।

अगर आपको इस तरह का कोई वीडियो दिखे, तो उसके झांसे में न आएं, बल्कि तुरंत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म या साइबरक्राइम पोर्टल पर रिपोर्ट करें।

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