Elon Musk के X को पछाड़कर आगे निकला Meta का Threads, जानिए पूरा मामला
Threads App vs X Platform: एलन मस्क का X अब डेली एक्टिव मोबाइल यूजर्स की रेस में Meta के Threads App से पीछे छूट गया है। हाल ही में सामने आए नए आंकड़ों ने इस बदलाव को साफ तौर पर दिखा दिया है।
- Written By: सिमरन सिंह
Threads App vs X Platform (Source. Design)
Threads Daily Active Users: मोबाइल पर सोशल मीडिया की जंग अब और तेज हो गई है। एलन मस्क का प्लेटफॉर्म X अब डेली एक्टिव मोबाइल यूजर्स की रेस में Meta के Threads App से पीछे छूट गया है। हाल ही में सामने आए नए आंकड़ों ने इस बदलाव को साफ तौर पर दिखा दिया है। मार्केट इंटेलिजेंस फर्म Similarweb के ताजा डेटा के मुताबिक, भले ही वेब पर X की पकड़ अब भी मजबूत बनी हुई है, लेकिन मोबाइल यूजर्स के मामले में Threads ने बाजी मार ली है।
मोबाइल बनाम वेब: कहां किसका दबदबा?
डेटा से यह भी साफ होता है कि X की वेब ऑडियंस अभी भी Threads से ज्यादा है। यानी जो यूजर लैपटॉप या डेस्कटॉप पर सोशल मीडिया इस्तेमाल करते हैं, उनमें X का दबदबा कायम है। लेकिन स्मार्टफोन पर तस्वीर बदल चुकी है। टेकक्रंच की रिपोर्ट के अनुसार, कई महीनों की लगातार ग्रोथ के बाद Threads ने iOS और Android दोनों प्लेटफॉर्म्स पर X को पीछे छोड़ दिया है।
किसके पास कितने डेली यूजर्स?
7 जनवरी 2026 तक के आंकड़ों पर नजर डालें तो Threads के iOS और Android पर 141.5 मिलियन (लगभग 14.15 करोड़) डेली एक्टिव यूजर्स दर्ज किए गए। वहीं, X के मोबाइल डिवाइस पर डेली एक्टिव यूजर्स की संख्या करीब 125 मिलियन (लगभग 12.5 करोड़) रही। यह फर्क अचानक नहीं आया, बल्कि यह लंबे समय से चल रहे यूसेज ट्रेंड को दिखाता है।
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विवादों का असर और जांच की आंच
X से जुड़े हालिया विवादों ने भी प्लेटफॉर्म की छवि को झटका दिया है। इनमें X के इंटीग्रेटेड AI मॉडल Grok का गलत इस्तेमाल कर महिलाओं की बिना सहमति के अश्लील तस्वीरें बनाने का मामला शामिल है। इस गंभीर आरोप के बाद कैलिफ़ोर्निया के अटॉर्नी जनरल ने जांच शुरू की, जो आगे चलकर UK, EU, भारत और ब्राज़ील जैसे देशों तक फैल गई। इन विवादों का फायदा दूसरे प्लेटफॉर्म्स को भी मिला, जहां सोशल नेटवर्किंग ऐप Bluesky के इंस्टॉल में तेजी देखी गई।
विवाद से पहले ही शुरू हो चुकी थी Threads की रफ्तार
हालांकि Similarweb के आंकड़े बताते हैं कि Threads की मोबाइल ग्रोथ इन विवादों से पहले ही शुरू हो चुकी थी। माना जा रहा है कि Meta के Facebook और Instagram पर मजबूत क्रॉस-प्रमोशन ने इसमें बड़ी भूमिका निभाई है। साथ ही, क्रिएटर्स पर बढ़ता फोकस और नए फीचर्स का तेज़ी से रोलआउट भी यूजर्स को आकर्षित कर रहा है।
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नए फीचर्स ने बदली यूजर्स की आदत
पिछले एक साल में Threads ने बेहतर कंटेंट फिल्टर, इंटरेस्ट-बेस्ड कम्युनिटीज़, डायरेक्ट मैसेज, गायब होने वाला कंटेंट और लंबे पोस्ट के सपोर्ट जैसे कई अहम फीचर्स पेश किए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, इन अपडेट्स ने मोबाइल पर रेगुलर और आदत आधारित इस्तेमाल को काफी बढ़ावा दिया है।
