Meta AI (Source. Facebook)
Mark Zuckerberg AI Muse Spark: Facebook की पेरेंट कंपनी Meta ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया में बड़ा कदम उठाते हुए अपने नए AI मॉडल ‘Muse Spark’ को लॉन्च कर दिया है। कंपनी ने इस प्रोजेक्ट पर पिछले एक साल से भारी निवेश किया है। लॉन्च से पहले इस प्रोजेक्ट का इंटरनल नाम ‘Avocado’ रखा गया था, जिसे अब आधिकारिक तौर पर यूजर्स के लिए पेश कर दिया गया है।
फिलहाल इसे मेटा के स्टैंडअलोन AI ऐप पर लॉन्च किया गया है, लेकिन जल्द ही यह WhatsApp, Instagram और Meta AI स्मार्ट ग्लास जैसे प्लेटफॉर्म्स पर भी उपलब्ध होगा।
मेटा का यह नया AI मॉडल सीधे तौर पर Google, OpenAI और Anthropic जैसे दिग्गजों को चुनौती देने के लिए लाया गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, राइटिंग और रीजनिंग के मामले में ‘Muse Spark’ ने काफी बेहतर प्रदर्शन किया है और यह बड़े AI मॉडल्स के स्तर के करीब पहुंच चुका है। हालांकि, कोडिंग क्षमता में यह अभी अपने प्रतिद्वंद्वियों से थोड़ा पीछे बताया जा रहा है, जबकि आज के समय में AI की दुनिया में कोडिंग स्किल एक अहम पैमाना बन चुकी है।
मेटा के CEO मार्क जकरबर्ग पिछले एक साल से AI सेक्टर में लगातार निवेश कर रहे हैं। उन्होंने इंडस्ट्री के कई टॉप टैलेंट्स को अपनी टीम में शामिल किया है। उन्होंने 29 साल के एलेक्जेंटर वांग को भारी पैकेज देकर कंपनी में शामिल किया और उन्हें चीफ AI ऑफिसर बनाया। इसके साथ ही कंपनी ने अपने पुराने Llama-4 मॉडल पर काम करने वाली टीम को भी बदल दिया और नई टीम में OpenAI, Google जैसी कंपनियों से एक्सपर्ट्स को जोड़ा गया।
मेटा ने इस बार एक बड़ा बदलाव करते हुए ‘म्यूज स्पार्क’ को क्लोज्ड मॉडल के रूप में रखा है। यानी इसका कोड अभी पब्लिक के लिए उपलब्ध नहीं होगा। पहले मेटा अपने AI मॉडल्स को ओपन सोर्स करता था, जिससे डेवलपर्स को उन्हें इस्तेमाल करने की आजादी मिलती थी।
मेटा ने AI डेवलपमेंट के लिए बड़े स्तर पर निवेश की योजना बनाई है। कंपनी नए डेटा सेंटर बनाने पर 600 अरब डॉलर खर्च करने की तैयारी में है। साल 2026 में लगभग 135 अरब डॉलर खर्च करने का लक्ष्य रखा गया है, जो पिछले साल के 72 अरब डॉलर के मुकाबले लगभग दोगुना है।
म्यूज स्पार्क के आने से आम यूजर्स के लिए WhatsApp और Instagram पर AI का अनुभव और ज्यादा स्मार्ट हो जाएगा। मैसेज लिखने से लेकर सवालों के जवाब और कंटेंट क्रिएशन तक सब कुछ आसान हो सकता है। अब देखने वाली बात यह होगी कि मेटा का यह बड़ा दांव Google और OpenAI को कितनी टक्कर दे पाता है।