Meta ला रहा है Teen Account फीचर, 16 साल से कम उम्र के बच्चों की सुरक्षा पर ज़ोर
Meta का यह नया Teen Account फीचर फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म्स पर सक्रिय टीनेजर्स के लिए बनाया गया है। इसका मकसद है कि कम उम्र के यूज़र्स को एक सुरक्षित, प्राइवेट और पेरेंट्स की निगरानी रखना है।
- Written By: सिमरन सिंह
Meta Teen Account से बच्चों को क्या फायदा होगा। (सौ. Meta)
नवभारत टेक डेस्क: सोशल मीडिया कंपनियां अब यूज़र्स की सुरक्षा को लेकर और अधिक सतर्क हो गई हैं। इसी दिशा में Meta एक नया और खास फीचर Teen Account लॉन्च करने की तैयारी में है। यह फीचर खासतौर पर 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए डिजाइन किया गया है, ताकि वे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल सुरक्षित और जिम्मेदारी से कर सकें।
क्या है Meta का Teen Account फीचर?
Meta का यह नया Teen Account फीचर फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म्स पर सक्रिय टीनेजर्स के लिए बनाया गया है। इसका मकसद है कि कम उम्र के यूज़र्स को एक सुरक्षित, प्राइवेट और पेरेंट्स की निगरानी वाली डिजिटल स्पेस मिल सके। इस फीचर के ज़रिए बच्चों की ऑनलाइन एक्टिविटी और उन्हें दिखने वाले कंटेंट पर नियंत्रण बढ़ाया जाएगा।
कैसे काम करेगा यह फीचर?
- उम्र आधारित कंटेंट: टीनेजर्स को वही कंटेंट दिखेगा जो उनकी उम्र के लिहाज से उपयुक्त होगा।
- प्राइवेसी सेटिंग्स में बदलाव: अनजान लोगों से संपर्क की संभावना कम कर दी जाएगी।
- मेंटल हेल्थ का ध्यान: बाहरी दखल कम होने से मानसिक स्वास्थ्य पर सकारात्मक असर पड़ेगा।
Meta के अनुसार, यह फीचर बच्चों के अनुभव को सुरक्षित बनाने के लिए कई स्तर पर सिक्योरिटी चेक्स और अलर्ट्स के साथ काम करेगा।
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इस फैसले की ज़रूरत क्यों पड़ी?
Meta का यह कदम ऐसे समय में आया है जब अमेरिका में Kids Online Safety Act (KOSA) जैसे कानूनों पर विचार हो रहा है। इनका उद्देश्य बच्चों को सोशल मीडिया के हानिकारक प्रभावों से बचाना है। “हम चाहते हैं कि हमारा प्लेटफॉर्म युवाओं के लिए सुरक्षित और सशक्त बनाने वाला हो,” – Meta प्रवक्ता।
Meta, TikTok और YouTube जैसी कंपनियों पर हाल के वर्षों में सोशल मीडिया लत और बच्चों की मानसिक सेहत को नुकसान पहुंचाने के आरोपों के तहत कई मुकदमे दर्ज हुए हैं। साल 2023 में अमेरिका के 33 राज्यों, जिसमें कैलिफोर्निया और न्यूयॉर्क शामिल हैं, ने Meta पर यह आरोप लगाते हुए केस किया कि वह अपने प्लेटफॉर्म की खतरनाक प्रवृत्तियों से लोगों को सही ढंग से अवगत नहीं करवा रही है।
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किन लोगों पर होगा इसका असर?
इस फीचर का सबसे सीधा असर उन टीनेजर्स पर पड़ेगा जो नियमित रूप से फेसबुक और इंस्टाग्राम का इस्तेमाल करते हैं। साथ ही पेरेंट्स को भी इससे राहत मिलेगी, क्योंकि वे अब बच्चों की सोशल मीडिया गतिविधियों पर निगरानी रख सकेंगे।
