WhatsApp पर अब सिर्फ चलेगा Meta AI, थर्ड-पार्टी Chatbots पर पूरी तरह बैन

Meta AI Assistant: Meta ने WhatsApp यूजर्स के लिए एक बड़ा बदलाव करने का फैसला लिया है। WhatsApp पर कोई भी थर्ड-पार्टी AI चैटबॉट इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा।
WhatsApp पर अब सिर्फ चलेगा Meta AI, थर्ड-पार्टी Chatbots पर पूरी तरह बैन
WhatsApp ने बंद किया AI का इस्तेमाल। (सौ. Pixabay)
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WhatsApp Update No Third Part App: Meta ने WhatsApp यूजर्स के लिए एक बड़ा बदलाव करने का फैसला लिया है। कंपनी ने घोषणा की है कि अब WhatsApp पर कोई भी थर्ड-पार्टी AI चैटबॉट इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा। मेटा ने साफ किया है कि प्लेटफॉर्म पर सिर्फ Meta AI Assistant ही सक्रिय रहेगा। इस कदम से OpenAI और Perplexity जैसी कंपनियों को बड़ा झटका लगा है, जो AI टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में मेटा को कड़ी टक्कर दे रही थीं। इसका सीधा मतलब है कि अब यूजर्स व्हाट्सऐप पर केवल मेटा का ही चैटबॉट इस्तेमाल कर पाएंगे।

15 जनवरी से लागू होगा नया नियम

Meta का यह नया फैसला 15 जनवरी 2026 से लागू किया जाएगा। इस तारीख के बाद व्हाट्सऐप पर ChatGPT और Perplexity AI जैसे Chatbots पूरी तरह बंद हो जाएंगे। इसके लिए Meta ने अपने WhatsApp Business API को अपडेट किया है। नई पॉलिसी में यह साफ तौर पर लिखा गया है कि "अगर कोई कंपनी चैटबॉट को अपनी मुख्य सेवा के रूप में उपयोग करती है, तो वह अब WhatsApp बिजनेस सॉल्यूशन का हिस्सा नहीं बन सकेगी।"

बिजनेस यूजर्स पर असर नहीं पड़ेगा

Meta ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस बदलाव का असर उन कंपनियों पर नहीं होगा जो WhatsApp का उपयोग केवल ग्राहक सहायता या ऑटोमेटेड सर्विसेस के लिए करती हैं। यानी ट्रैवल एजेंसियां, ई-कॉमर्स ब्रांड्स या अन्य बिजनेस जो लिमिटेड ऑटो-रिप्लाई सर्विस का प्रयोग कर रहे हैं, वे पहले की तरह व्हाट्सऐप का इस्तेमाल कर पाएंगे। हालांकि, इस फैसले का सीधा प्रभाव AI स्टार्टअप्स पर पड़ेगा, जो WhatsApp के जरिए यूजर्स को चैट-बेस्ड असिस्टेंट उपलब्ध करवा रहे थे। मेटा का कहना है कि इन थर्ड-पार्टी Chatbots से उसके इंफ्रास्ट्रक्चर पर अतिरिक्त दबाव बन रहा था, इसलिए यह कदम उठाया गया है।

स्पैम रोकने के लिए मेटा की नई योजना

WhatsApp स्पैम मैसेजेज़ पर रोक लगाने के लिए एक और बड़ा कदम उठाने जा रही है। कंपनी उन यूजर्स के लिए मंथली मैसेज लिमिट तय करेगी, जो भेजे गए संदेशों का जवाब नहीं देते। यह सीमा न केवल बिजनेस अकाउंट्स बल्कि आम यूजर्स पर भी लागू होगी। मेटा जल्द ही इस फीचर का ट्रायल कई देशों में शुरू करने जा रही है।

ध्यान दें

Meta का यह फैसला व्हाट्सऐप पर AI के इस्तेमाल की दिशा को पूरी तरह बदल देगा। जहां यह कदम डेटा सुरक्षा और सिस्टम स्थिरता के लिहाज से सही माना जा रहा है, वहीं इससे कई इनोवेटिव AI कंपनियों की रणनीतियां भी प्रभावित होंगी।

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