अब विज्ञान बनाएगा सोना! अमेरिकी स्टार्टअप ने पारे को सोने में बदलने का किया दावा

Technology: विज्ञान और तकनीक की दुनिया में 'कीमिया' (Alchemy) के सदियों पुराने सपने को साकार करने का दावा करती है। अमेरिका में सैनफ्रांसिस्को स्थित फ्यूजन एनर्जी स्टार्टअप Marathon Fusion ने घोषणा की।
अब विज्ञान बनाएगा सोना! अमेरिकी स्टार्टअप ने पारे को सोने में बदलने का किया दावा
Fusion Technology Marathon Fusion Gold From Mercury क्या है। (सौ. AI)
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Fusion Technology Marathon Fusion Gold From Mercury: विज्ञान और तकनीक की दुनिया में एक ऐसी खोज सामने आई है जो 'कीमिया' (Alchemy) के सदियों पुराने सपने को साकार करने का दावा करती है। अमेरिका में सैन फ्रांसिस्को स्थित फ्यूजन एनर्जी स्टार्टअप Marathon Fusion ने घोषणा की है कि उन्होंने पारे को सोने में बदलने की एक तकनीक खोज ली है। यह दावा सुनने में जितना अविश्वसनीय लगता है, उतना ही वैज्ञानिक भी है।

यह चमत्कारी प्रक्रिया कैसे होती है?

Marathon Fusion के अनुसार, उन्होंने अपने शोध पत्र में बताया है कि यह परिवर्तन नाभिकीय रूपांतरण (Nuclear Transmutation) के माध्यम से संभव हुआ है। इस तकनीक में, किसी तत्व के न्यूक्लियस से एक प्रोटॉन निकालकर उसे दूसरे तत्व में परिवर्तित किया जाता है। इस प्रक्रिया के तहत, उन्होंने Mercury-198 को Mercury-197  में परिवर्तित किया, जो धीरे-धीरे Gold-197 में बदल गया। “मैराथन फ्यूजन ने नाभिकीय रूपांतरण तकनीक का उपयोग करके पारे को सोने में परिवर्तित किया है।”

बिजली और सोना - एक साथ उत्पादित

Marathon Fusion का कहना है कि सोना बनाने की यह प्रक्रिया उनके संलयन ऊर्जा उत्पादन में कोई बाधा नहीं डालती है। यानी, फ्यूजन रिएक्टर बिजली के साथ-साथ हर साल लगभग 5,000 किलो सोना भी बनाएगा। यानी कंपनी को दोहरा मुनाफ़ा होगा - एक तो बिजली बेचकर और दूसरा कीमती सोना बनाकर।

क्या यह सोना पूरी तरह सुरक्षित होगा?

हालांकि, इस तकनीक से बने सोने में कुछ रेडियोधर्मी तत्व हो सकते हैं। इसलिए, कंपनी का कहना है कि इस सोने को 14 से 18 साल तक सुरक्षित भंडारण में रखना होगा ताकि यह स्थिर और उपयोग योग्य हो सके।

भविष्य में क्या संभव है?

Marathon Fusion का उद्देश्य केवल सोना बनाना ही नहीं है। वे इस तकनीक के ज़रिए पैलेडियम, मेडिकल आइसोटोप और यहाँ तक कि परमाणु बैटरियों के पुर्जे भी तैयार करने की योजना बना रहे हैं। अगर यह प्रक्रिया सफल रही, तो भविष्य में फ्यूजन प्लांट न केवल ऊर्जा स्रोत बनेंगे, बल्कि कीमती धातुओं का कारखाना भी बनेंगे।

सपना या हकीकत?

फिलहाल, यह खोज अभी शुरुआती शोध और अवधारणा के चरण में है। लेकिन यदि Marathon Fusion का दावा वैज्ञानिक रूप से सही साबित होता है, तो यह तकनीक ऊर्जा, स्वास्थ्य और खनन उद्योगों की सूरत हमेशा के लिए बदल सकती है।

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