अगर Mac या Chrome चलाते हैं तो सावधान, CERT-In की चेतावनी, अपडेट नहीं किया तो डेटा हो सकता है चोरी

MacBook, iMac या Google Chrome ब्राउज़र का इस्तेमाल करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। भारत की साइबर सुरक्षा एजेंसी CERT-In ने macOS और Google Chrome यूजर्स के लिए चेतावनी दी है।
Mac or Chrome, be careful CERT-In has issued a warning update, your data could be stolen.
Laptop (Source. Freepik)
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CERT-In Warning: अगर आप MacBook, iMac या Google Chrome ब्राउज़र का इस्तेमाल करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। भारत की साइबर सुरक्षा एजेंसी CERT-In ने macOS और Google Chrome यूजर्स के लिए गंभीर सुरक्षा चेतावनी जारी की है। एजेंसी के मुताबिक, सिस्टम में पाई गई कुछ खामियां हैकर्स को आपके डिवाइस तक पहुंच दे सकती हैं, जिससे डेटा चोरी और सिस्टम हैक होने का खतरा बढ़ जाता है।

CERT-In का सिक्योरिटी अलर्ट क्यों है अहम

इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम (CERT-In) ने अपनी लेटेस्ट एडवाइजरी में साफ किया है कि macOS और Google Chrome में मौजूद कमजोरियों का गलत इस्तेमाल किया जा सकता है। ये खामियां खास तरह की फाइल या रिक्वेस्ट के जरिए एक्टिव हो सकती हैं। अगर यूजर पुराना वर्जन इस्तेमाल करता है और समय पर अपडेट नहीं करता, तो अनऑथराइज्ड एक्सेस, डेटा लीक और सिस्टम कंट्रोल का खतरा कई गुना बढ़ सकता है।

Apple Pages और Keynote ऐप्स में पाई गई खामी

CERT-In की 29 जनवरी की एडवाइजरी के अनुसार, Apple Pages और Keynote के पुराने वर्जन यूजर्स के लिए जोखिम भरे हैं। यह समस्या Pages और Keynote के 15।1 से पहले वाले वर्जन में पाई गई है। Pages में आउट-ऑफ-बाउंड्स रीड से जुड़ी तकनीकी खामी सामने आई है, जबकि Keynote के Quick Look कंपोनेंट में एरर पाया गया है। हैकर्स खास तरह के डॉक्यूमेंट भेजकर यूजर्स को इन्हें खोलने के लिए फंसा सकते हैं और इससे संवेदनशील जानकारी तक पहुंच बना सकते हैं। हालांकि Apple ने Pages 15।1 और Keynote 15।1 अपडेट में इन खामियों को ठीक कर दिया है।

Google Chrome में हाई-रिस्क बग से खतरा

CERT-In ने Google Chrome डेस्कटॉप वर्जन में एक हाई-सीवियरिटी रिमोट कोड एग्जीक्यूशन बग की भी पहचान की है। यह कमजोरी Chrome के पुराने वर्जन में Background Fetch API के गलत इम्प्लीमेंटेशन से जुड़ी है। खास तरह की क्राफ्टेड रिक्वेस्ट के जरिए हमलावर टारगेट सिस्टम पर मनचाहा कोड चला सकता है, जिससे पूरा सिस्टम प्रभावित हो सकता है। Windows, macOS और Linux तीनों प्लेटफॉर्म पर Chrome यूजर्स इस खतरे की जद में बताए गए हैं।

किन वर्जन पर असर और क्या करें यूजर्स

CERT-In के मुताबिक Chrome के 144.0.7559.109 या 144.0.7559.110 से पुराने वर्जन प्रभावित हैं। इस कमजोरी को CVE-2026-1504 के रूप में ट्रैक किया गया है। Google ने अपने लेटेस्ट स्टेबल चैनल अपडेट में इसे फिक्स कर दिया है।

वहीं Apple ने macOS Sequoia 15.6 और इसके बाद के वर्जन के लिए जरूरी सिक्योरिटी पैच जारी किए हैं। CERT-In ने सभी यूजर्स और संस्थानों को तुरंत आधिकारिक अपडेट इंस्टॉल करने और सिक्योरिटी रिलीज नोट्स चेक करने की सलाह दी है, ताकि किसी भी साइबर खतरे से बचा जा सके।

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