गत्ते, पुरानी बैटरी और धागों से बना दिया रोबोट, केरल के छात्र लेविन पॉलोज का कमाल देख हर कोई हैरान

Humanoid Robot: कभी सोचा है कि महंगे पार्ट्स और हाई-टेक लैब के बिना एक ऐसा रोबोट बनाया जा सकता है जो घर के कामों में मदद करे? इस तरह का काम केरल के एक स्कूली छात्र Levin Paulose ने कर दिखाया है।
Humanoid Robot cardboard, an old battery, and thread Levin Paulose student from Kerala.
Levin Paulose Robot (Source. Social Media)
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Levin Paulose Humanoid Robot: क्या आपने कभी सोचा है कि महंगे पार्ट्स और हाई-टेक लैब के बिना एक ऐसा रोबोट बनाया जा सकता है जो घर के कामों में मदद करे? इस तरह का काम केरल के एक स्कूली छात्र लेविन पॉलोज ने कर दिखाया है, इस बच्चे के अनोखे आविष्कार ने सभी को हैरान कर दिया है। बता दें कि कार्डबोर्ड, पुरानी बैटरियों, धागों, नट-बोल्ट और छोटी-छोटी मोटरों की मदद से उन्होंने ऐसा ह्यूमनॉइड रोबोट तैयार किया है जिसकी चर्चा अब पूरे देश में हो रही है। उनके इस इनोवेशन से प्रभावित होकर केरल के मुख्यमंत्री भी उनसे मिलने पहुंचे है।

कबाड़ के सामान से तैयार किया ह्यूमनॉइड रोबोट

बता दें कि लेविन ने जिस रोबोट को बनाया है वह देखने में साधारण जरूर लगता है लेकिन उसकी कार्यक्षमता लोगों को हैरान कर रही है। इस कार्डबोर्ड को सावधानी से काटकर और बेसिक इलेक्ट्रॉनिक पार्ट्स जोड़कर तैयार किया गया यह रोबोट घर के छोटे-मोटे काम करने में सक्षम बताया जा रहा है। वहीं रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि यह रोबोट लेविन की मां के रोजमर्रा के घरेलू कामों में भी मदद करता है। जो यह साबित करने के लिए काफी है कि यह कितने सीमित संसाधनों के बावजूद बेहतरीन तकनीकी समाधान तैयार किए जा सकते हैं।

YouTube पर दिखाते हैं अपने अनोखे आविष्कार

लेविन सिर्फ एक रोबोट तक सीमित नहीं हैं। रिपोर्ट्स में यह जानकारी भी है कि उनका अपना YouTube चैनल भी है जहां वे अपने बनाए अलग-अलग इनोवेशन साझा करते हैं। उनकी परियोजनाओं में वेस्ट मटेरियल से बना वैक्यूम क्लीनर, बटन दबाते ही खुलने और बंद होने वाला ऑटोमेटेड कर्टेन सिस्टम और खाना बनाते समय अपने आप सब्जी चलाने वाला ऑटोमैटिक स्टिरर शामिल हैं। खासकर ऑटोमैटिक स्टिरर को लोगों ने खूब पसंद किया क्योंकि इसकी मदद से खाना जलने की संभावना कम हो जाती है और रसोई में काम आसान हो जाता है।

जुनून हो तो बजट नहीं बनता रुकावट

लेविन पॉलोज की कहानी इस बात का बेहतरीन उदाहरण है कि इनोवेशन के लिए हमेशा महंगे उपकरण या बड़ी लैब की जरूरत नहीं होती। सही सोच, सीखने की इच्छा और रचनात्मकता के दम पर भी बड़े आविष्कार किए जा सकते हैं। वहीं आज उनके रोबोट और अन्य प्रोजेक्ट्स की टेक एक्सपर्ट्स, शिक्षक और विज्ञान प्रेमी जमकर सराहना कर रहे हैं। ऐसे युवा इनोवेटर्स न केवल नई पीढ़ी को प्रेरित कर रहे हैं बल्कि यह भी दिखा रहे हैं कि जुगाड़ और विज्ञान का मेल भविष्य की नई तकनीकों को जन्म दे सकता है।

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