मृत्यु के बाद कैसे रद्द होता है Aadhaar Card? जानिए पूरी प्रक्रिया
किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद उसके आधार कार्ड को कैसे डिएक्टिवेट किया जाता है? RTI के तहत चौंकाने वाला आंकड़ा सामने आया है। जिसमें कई लोगो के कार्ड ऐसे ही रखें है।
- Written By: सिमरन सिंह
Aadhar Card की सही जानकारी। (सौ. Freepik)
क्या आपको पता है कि किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद उसके आधार कार्ड को कैसे डिएक्टिवेट किया जाता है? हाल ही में एक RTI (सूचना का अधिकार) के तहत चौंकाने वाला आंकड़ा सामने आया है। RTI के अनुसार, पिछले 14 वर्षों में केवल 1.15 करोड़ आधार कार्ड ही निष्क्रिय किए गए हैं, जबकि इस अवधि में हुई मौतों की संख्या कहीं अधिक है।
क्यों जरूरी है मृतक का आधार निष्क्रिय करना?
आधार कार्ड आज पहचान और पते के प्रमाण के तौर पर हर जगह आवश्यक हो गया है—बैंकिंग से लेकर सरकारी योजनाओं तक। ऐसे में किसी मृत व्यक्ति का आधार एक्टिव रहना, डिजिटल धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े का कारण बन सकता है। इसी वजह से UIDAI ने आधार रद्द करने की ऑनलाइन प्रक्रिया उपलब्ध करवाई है।
ऐसे करें आधार डिएक्टिवेट: पूरी प्रक्रिया
- UIDAI की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं: uidai.gov.in
- लॉगिन करें—परिवार के सदस्य को अपने मोबाइल नंबर से OTP के जरिए लॉगिन करना होगा।
- Biometric Services सेक्शन में जाएं और “Report Death of Family Member” विकल्प चुनें।
- मृतक व्यक्ति की जरूरी जानकारी भरें—नाम, आधार नंबर, जन्म तिथि आदि।
- मृत्यु प्रमाणपत्र (Death Certificate) को स्कैन कर अपलोड करें।
- आवेदन सबमिट करें—इसके बाद प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
UIDAI के अनुसार, आधार कार्ड को निष्क्रिय करने में अधिकतम 90 दिन का समय लग सकता है।
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कौन कर सकता है आवेदन?
UIDAI की गाइडलाइंस के अनुसार, मृतक के परिवार के सदस्य ही यह रिक्वेस्ट दे सकते हैं। इनमें शामिल हैं:
- पति या पत्नी
- माता-पिता
- संतान
- भाई या बहन
- कानूनी अभिभावक
ध्यान रहे कि यह प्रक्रिया केवल परिवार के सदस्य की ओर से ही वैध मानी जाती है।
ध्यान दें
आज की डिजिटल दुनिया में मृतक व्यक्ति का आधार निष्क्रिय करना बेहद जरूरी हो गया है। इससे न सिर्फ फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी, बल्कि सरकारी डाटा भी सटीक रहेगा। UIDAI की यह सुविधा अब पूरी तरह ऑनलाइन है, जिससे यह प्रक्रिया सरल और पारदर्शी बन गई है।
