GPT-5 जल्द होगा लॉन्च, जटिल समस्याओं को हल करने में दिखाएगा कमाल: सैम ऑल्टमैन

OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन ने कुछ महीनों में GPT-5 को लॉन्च करने के बारें में कहा है। यह मॉडल GPT-4 का एक बड़ा अपग्रेड होगा और इसमें कई नई क्षमताएं जोड़ी जाएंगी।
GPT-5 जल्द होगा लॉन्च, जटिल समस्याओं को हल करने में दिखाएगा कमाल: सैम ऑल्टमैन
क्या होगा GPT 5 में नया। (सौ. Freepik)
Published on
Updated on

ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने संकेत दिए हैं कि आने वाले कुछ महीनों में GPT-5 को लॉन्च किया जा सकता है। यह मॉडल GPT-4 का एक बड़ा अपग्रेड होगा और इसमें कई नई क्षमताएं जोड़ी जाएंगी। द ब्रिज क्रॉनिकल की रिपोर्ट के मुताबिक, GPT-5 में लंबी और अधिक मानवीय मेमोरी, पुरानी बातचीत को लंबे समय तक याद रखने की क्षमता, बेहतर समझदारी, कठिन समस्याओं का हल निकालने की काबिलियत और एक साथ किताबों या रिपोर्ट्स का कुशल अनुवाद जैसे कई फीचर्स शामिल होंगे। इसके साथ ही यह मॉडल पहले की तुलना में कहीं तेजी से काम करेगा।

कानूनी और प्रतिस्पर्धी चुनौतियां बना सकती हैं रुकावट

हालांकि GPT-5 के लॉन्च में कानूनी और कॉर्पोरेट अड़चनें सामने आ रही हैं। ओपनएआई को ट्रेनिंग डेटा के उपयोग को लेकर कोर्ट में घसीटा गया है। इसके साथ ही चीन की उभरती टेक कंपनियां इस प्रतिस्पर्धा में लगातार अपनी पकड़ मजबूत कर रही हैं, जिससे GPT-5 की लोकप्रियता को चुनौती मिल सकती है। यह मॉडल आर्टिफिशियल जनरल इंटेलिजेंस (AGI) की ओर एक अहम कदम माना जा रहा है।

तेज होती प्रतिस्पर्धा में बढ़ा दबाव

GPT सीरीज़ की सफलता के बाद बाजार में मुकाबला और भी कड़ा हो गया है। गूगल के पास अब Gemini 2.5 Pro और Ultra, मेटा के पास LLaMA 3, और Elon Musk की कंपनी XAI के पास Grok 4 जैसे मॉडल आ चुके हैं। यही नहीं, मेटा और अमेज़न भी अब AGI लैब्स बना रहे हैं और ओपनएआई के टैलेंट को अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं। हाल ही में गूगल ने वरुण मोहन को अपने साथ जोड़ा है, जो AI स्टार्टअप Windsurf के CEO रहे हैं, और जिन्हें ओपनएआई अधिग्रहित नहीं कर सका।

बाजार में टिकने के लिए चाहिए खासियतें

तेज, सस्ते और यूजर फ्रेंडली मॉडल्स जैसे कि मेटा का LLaMA, गूगल का Gemma और चीन का DeepSeek AI अब यूजर्स को बेहतर विकल्प दे रहे हैं। ऐसे में GPT-5 को टिकने के लिए कुछ अलग और अतिरिक्त मूल्य देना जरूरी होगा।

AI ब्राउज़र और हार्डवेयर पर भी नजर

सैम ऑल्टमैन का कहना है कि मौजूदा AI मॉडल न केवल टेक्नोलॉजी में बल्कि आर्थिक रूप से भी लाभकारी साबित हो रहे हैं। ओपनएआई अब एक AI फर्स्ट हार्डवेयर और गूगल क्रोम को टक्कर देने वाला खुद का ब्राउज़र भी तैयार कर रहा है। अगर ओपनएआई तकनीक और अनुभव के बीच सही संतुलन बना पाया, तो GPT-5 वाकई AGI की दिशा में क्रांतिकारी बदलाव ला सकता है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com