

ChatGPT Free Plan Ads: आप रोजाना ChatGPT का इस्तेमाल करते हैं तो आपके लिए बड़ी जानकारी सामने आई है। बता दें कि OpenAI अब अपने AI चैटबॉट में विज्ञापन दिखाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। जिसको देखते हुए भारत में कुछ यूजर्स को कंपनी की ओर से ईमेल मिला है जिसमें ChatGPT की प्राइवेसी पॉलिसी में बदलाव की जानकारी दी गई है। वहीं OpenAI के मुताबिक, विज्ञापन Free और Go प्लान पर दिखाई दे सकते हैं।
जानकारी के लिए बता दें कि OpenAI ने विज्ञापनों से जुड़े नियमों को अपनी प्राइवेसी पॉलिसी में शामिल किया है। वहीं कंपनी यूजर्स को यह बताना चाहती है कि ChatGPT में Ads किस तरह दिखेंगे और उन्हें कैसे कंट्रोल किया जा सकेगा। लेकिन भारत में विज्ञापनों की उपलब्धता का अंतिम रोलआउट अभी स्पष्ट नहीं है और यूजर्स को मिला ईमेल इस दिशा में संकेत जरूर देता है।
वहीं OpenAI ने फरवरी 2026 में अमेरिका में Free और Go यूजर्स के साथ Ads का टेस्ट शुरू किया था और बाद में कई अन्य बाजारों तक इसका विस्तार भी किया था। लेकिन कंपनी की मौजूदा नीति के अनुसार Plus, Pro, Business, Enterprise और Edu अकाउंट्स पर विज्ञापन नहीं दिखाए जाने वाले है।
अभी के लिए विज्ञापन मुख्य रूप से Free और Go प्लान वाले यूजर्स के लिए हैं। जिसको लेकर कंपनी का कहना है कि Ads को ChatGPT के जवाबों से अलग रखा जाएगा और उन्हें स्पष्ट रूप से विज्ञापन के रूप में लेबल किया जाएगा। ऐसे में OpenAI के Help Center के अनुसार, Ads जवाब के नीचे दिखाई दे सकते हैं।
यह सवाल यूजर्स के लिए सबसे अहम है। जिसमें OpenAI का कहना है कि विज्ञापन ChatGPT के जवाबों को प्रभावित नहीं करेंगे। इसमें कंपनी की विज्ञापन नीति के मुताबिक Ads को ऑर्गेनिक जवाब से अलग रखा जाएगा। साथ ही विज्ञापनदाताओं को यूजर्स की चैट, चैट हिस्ट्री, मेमोरी या व्यक्तिगत जानकारी का एक्सेस नहीं दिया जाता है।
लेकिन Ads को यूजर के ChatGPT अनुभव के संदर्भ के आधार पर अधिक प्रासंगिक बनाया जा सकता है। जिसमें OpenAI ने यह भी स्पष्ट किया है कि विज्ञापनों को संवेदनशील और कुछ खास विषयों वाली बातचीत के आसपास दिखाने पर प्रतिबंध हैं। जिसका सीधा मतलब है कि ChatGPT का विज्ञापन मॉडल Google या सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से अलग तरह का अनुभव देने की कोशिश कर रहा है। अब देखना होगा कि भारत में इसका रोलआउट कब और किस रूप में होता है।