ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने रचा इतिहास, ISS पहुंचने वाले पहले भारतीय

भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने अंतरिक्ष की दुनिया सफलतापूर्वक इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) पर कदम रख दिया है। इस खबर के सामने आने के बाद से ही पूरे देश में गर्व और उत्साह है।
ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला सफलतापूर्वक पहुंचे अंतरिक्ष स्टेशन, 14 दिन करेंगे परीक्षण
देश को हुआ गर्व। (सौ. X)
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भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने अंतरिक्ष की दुनिया में नया इतिहास रचते हुए सफलतापूर्वक इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) पर कदम रख दिया है। जैसे ही उनका स्पेसक्राफ्ट स्टेशन तक पहुंचा, पूरे देश में गर्व और उत्साह की लहर दौड़ गई। वह ये उपलब्धि हासिल करने वाले पहले भारतीय हैं।

28,000 किमी/घंटा की रफ्तार से अंतरिक्ष की ओर

शुभांशु शुक्ला और उनकी टीम का अंतरिक्ष यान पृथ्वी की सतह से 418 किमी ऊपर 28,000 किमी प्रति घंटा की गति से यात्रा कर रहा था। लॉन्चिंग के लगभग 26 घंटे बाद यान ने स्पेस स्टेशन के पास पहुंचकर सफलतापूर्वक डॉकिंग प्रक्रिया पूरी की। खास बात यह रही कि यह डॉकिंग निर्धारित समय से 20 मिनट पहले शुरू हो गई थी। डॉकिंग के बाद, स्पेस स्टेशन में पूर्ण प्रवेश की प्रक्रिया में करीब 1 घंटे का समय और लगा। शुभांशु शुक्ला ने यह उड़ान स्पेसएक्स फाल्कन 9 रॉकेट के ज़रिए अमेरिका के कैनेडी स्पेस सेंटर (KSC), फ्लोरिडा से भरी थी।

शुभांशु शुक्ला के साथ अंतरिक्ष में कौन-कौन?

इस ऐतिहासिक मिशन में शुभांशु शुक्ला के साथ अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ भी शामिल हैं:

  • पेगी व्हिटसन – मिशन कमांडर (अमेरिका)
  • तिबोर कापू – मिशन विशेषज्ञ (हंगरी)
  • स्लावोस वुजनांस्की-विस्नेव्स्की – मिशन विशेषज्ञ (पोलैंड)
  • यूरोपीय स्पेस एजेंसी के वैज्ञानिक

14 दिनों में करेंगे 60 वैज्ञानिक प्रयोग, 7 भारत के

शुभांशु शुक्ला का यह अंतरिक्ष मिशन भारत के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। वे और उनकी टीम 14 दिनों तक स्पेस स्टेशन पर रहकर 60 से अधिक साइंटिफिक एक्सपेरिमेंट्स करेंगे, जिनमें से 7 प्रयोग भारत के वैज्ञानिकों द्वारा विकसित किए गए हैं। यह मिशन भारत की अंतरिक्ष तकनीक को नई ऊंचाइयों तक ले जाने वाला कदम है।

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