

Highlight:
सामन खरीदने से पहले कुछ बातो पर ध्यान देने को कहा जाता है।
इसमें कुछ चीजे पुरानी खरीदने पर ज्यादा फायदा होता है।
इसें कार को पुराना और हेलमेट को नया खरीदना सही होता है।
Smart Shopping: त्योहारों की खरीदारी हो या घर के लिए कोई नया सामान लेना हो अक्सर लगता है कि नया प्रोडक्ट ही सबसे अच्छा विकल्प है। लेकिन समझदारी से खर्च करने का मतलब हर चीज नई खरीदना नहीं बल्कि यह जानना है कि कहां सेकंड-हैंड सामान से पैसे बचाए जा सकते हैं और कहां सुरक्षा या हाइजीन के लिए नया प्रोडक्ट लेना बेहतर हो सकता है। ऐसे में बजट में स्मार्ट शॉपिंग करने के लिए कुछ चीजें इस्तेमाल की हुई खरीदी जा सकती हैं जबकि कुछ मामलों में पुराना सामान जोखिम बढ़ा सकता है।
1. किताबें: उपन्यास, प्रतियोगी परीक्षाओं की पुरानी किताबें और सामान्य नॉन-फिक्शन सेकंड-हैंड खरीदना किफायती हो सकता है। लेकिन परीक्षा की तैयारी के लिए ऐसी किताबों का नया संस्करण लें जिनमें सिलेबस या नियम बदल चुके हों।
2. फर्नीचर: टेबल, कुर्सी, बुकशेल्फ और लकड़ी की अलमारी जैसी चीजें अच्छी हालत में सेकंड-हैंड मिल सकती हैं। खरीदने से पहले दीमक, नमी, टूटे हिस्से और जोड़ों की मजबूती जांच जरूर करें।
3. कपड़े और एक्सेसरीज: जैकेट, डेनिम, बैग और कुछ अन्य कपड़े रीसेल स्टोर से कम कीमत में मिल सकते हैं। खरीदने से पहले कपड़े की हालत, सिलाई, दाग और सफाई पर ध्यान दें।
4. होम जिम का सामान: डंबल, वेट प्लेट और मजबूत बेंच जैसे उपकरण सेकंड-हैंड लेना उपयोगी हो सकता है। मशीन या ट्रेडमिल खरीदते समय मोटर, तार, सुरक्षा फीचर और उसके काम करने की स्थिति जरूर जांचें।
5. इस्तेमाल की हुई कार: पुरानी कार खरीदने से शुरुआती खर्च कम हो सकता है। लेकिन सिर्फ कम कीमत देखकर फैसला न लें। सर्विस रिकॉर्ड, दुर्घटना का इतिहास, दस्तावेज और इंजन की स्थिति की जांच कराएं। खरीदने से पहले किसी भरोसेमंद मैकेनिक से निरीक्षण कराना समझदारी है।
1. हेलमेट और कार सीट: बाइक हेलमेट या बच्चों की कार सीट पहले दुर्घटना में इस्तेमाल हुई हो तो नुकसान बाहर से दिखाई नहीं भी दे सकता। इनके इतिहास और सुरक्षा की पुष्टि न हो सकें तो नया खरीदना बेहतर विकल्प होता है।
2. गद्दे और तकिए: इस्तेमाल किए गए गद्दे या तकियों में दाग, एलर्जी पैदा करने वाले तत्व या खटमल होने का जोखिम हो सकता है। इसलिए इन्हें नया खरीदना अधिक व्यावहारिक है, खासकर जब सफाई और पुराने इस्तेमाल की जानकारी न हो।
3. दवाइयां: दवाइयां हमेशा लाइसेंस प्राप्त फार्मेसी या विश्वसनीय स्रोत से ही खरीदें। किसी दूसरे व्यक्ति की बची हुई दवा इस्तेमाल न करें। एक्सपायरी, स्टोरेज और पैकेजिंग की स्थिति भी महत्वपूर्ण है।
किसी भी पुरानी चीज को खरीदने से पहले उसकी वास्तविक हालत देखें, कीमत की तुलना करें और संभव हो तो उसे इस्तेमाल करके जांचें। इलेक्ट्रॉनिक्स के मामले में बैटरी, चार्जिंग, बिल और उपलब्ध वारंटी की जानकारी लें। ऑनलाइन खरीदारी करते समय विक्रेता की विश्वसनीयता और रिटर्न पॉलिसी भी जांचें।
इसके साथ ही ध्यान रखें कि हर पुरानी चीज खराब और हर नई चीज बेहतर नहीं होती। किताबों, फर्नीचर और कुछ उपकरणों में सेकंड-हैंड खरीदारी बचत करा सकती है लेकिन सुरक्षा और हाइजीन से जुड़े सामान में जोखिम को प्राथमिकता से समझना चाहिए।