

Android 17 New Features: एंड्रॉयड यूजर्स के लिए बड़ी खबर आ गई है। बता दें कि गूगल ने आधिकारिक तौर पर Android 17 अपडेट का रोलआउट शुरू कर दिया है। फिलहाल इसकी शुरुआत Pixel स्मार्टफोन्स से हुई है लेकिन आने वाले महीनों में यह अपडेट अन्य एंड्रॉयड डिवाइसेस के लिए भी उपलब्ध कराया जाएगा। इसके साथ ही कंपनी ने सिर्फ नए फीचर्स ही नहीं बल्कि सिक्योरिटी, प्राइवेसी और परफॉर्मेंस को भी अगले स्तर पर ले जाने की कोशिश की है। इसको लेकर खास बात यह है कि गूगल ने संकेत दिए हैं कि भविष्य में प्रीमियम एंड्रॉयड डिवाइसेस को Gemini Intelligence से जुड़े एडवांस AI फीचर्स भी मिल सकते हैं जिससे यूजर एक्सपीरियंस और स्मार्ट बनने वाला है।
Android 17 में गूगल के सभी फीचर्स के बारे में बताए तो इसमें नया Bubbles फीचर जोड़ा गया है। जिसकी मदद से यूजर्स किसी भी ऐप के आइकन को लॉन्ग प्रेस करके उसे फ्लोटिंग विंडो में बदल सकते हैं। वहीं इसका फायदा यह होगा कि एक ही स्क्रीन पर दो अलग-अलग काम आसानी से किए जा पाएंगे। उदाहरण के तौर पर आप वीडियो देखते हुए चैटिंग या नोट्स तैयार कर सकते है। यह फीचर खासतौर पर उन यूजर्स के लिए उपयोगी होगा जो स्मार्टफोन पर ज्यादा काम करते हैं।
इस फीचर्स के आने से कंटेंट क्रिएटर्स के लिए Android 17 एक शानदार ऑप्सन बन सकता है। बता दें कि नई अपडेट में Screen Reaction फीचर जोड़ा गया है, जिससे यूजर फ्रंट और रियर कैमरा का इस्तेमाल एक साथ किया जा पाएगा। इससे किसी वीडियो या गेम पर रिएक्शन रिकॉर्ड करना बेहद आसान हो जाएगा। जिससे यूजर्स को ग्रीन स्क्रीन या भारी-भरकम एडिटिंग सॉफ्टवेयर की जरूरत काफी हद तक कम होगी।
Google ने सुरक्षा को लेकर भी कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। बता दें कि नए Mark as lost फीचर की मदद से चोरी हुए फोन को दूर से लॉक किया जा सकेगा। एक बार फोन लॉक होने के बाद कोई भी व्यक्ति, चाहे उसे पासवर्ड पता हो आपकी निजी जानकारी तक आसानी से पहुंच नहीं पाएगा। इसके अलावा फोन की लोकेशन ट्रैकिंग भी बंद नहीं की जा सकेगी। इतना ही नहीं अपग्रेडेड Live Threat Detection और Advanced Protection Mode यूजर्स को ऑनलाइन स्कैम, फर्जी ऐप्स और साइबर खतरों से भी बचाएगा।
Android 17 में कई विजुअल बदलाव भी देखने को मिलेंगे। बता दें कि यूजर्स होम स्क्रीन पर ऐप्स के नाम छिपा सकेंगे, डार्क थीम को ज्यादा कस्टमाइज कर पाएंगे और नए पैरेंटल कंट्रोल फीचर्स का लाभ उठा सकेंगे। इतना ही नहीं परफॉर्मेंस की बात करें तो अब बैकग्राउंड ऐप्स के RAM उपयोग को सीमित किया जा सकेगा। इससे फोन की स्पीड बेहतर होगी, लैग कम होगा और बैटरी बैकअप में भी सुधार जाएगा।