

Amazon Now: अमेजन अपनी क्विक-कॉमर्स सर्विस Amazon Now को देश के छोटे और मझोले शहरों तक तेजी से पहुंचाने की तैयारी कर रही है। बता दें कि कंपनी का लक्ष्य इस सेवा को 300 से ज्यादा शहरों में विस्तार देने का है। जिसकी खास बात यह है कि इसके लिए अमेजन हर जगह नए डार्क स्टोर बनाने के बजाय पहले से मौजूद More Retail स्टोर्स का इस्तेमाल करेगी। इन स्टोर्स को ऑनलाइन ऑर्डर पूरा करने वाले फुलफिलमेंट पॉइंट्स के तौर पर इस्तेमाल किया जाने वाला है।
बता दें कि अमेजन नाउ का यह मॉडल फिलहाल 35 शहरों में चल रहा है। इनमें वारंगल, करीमनगर, तिरुपति, गुंटूर, अमृतसर, कोच्चि, मणिपाल, भुवनेश्वर और तिरुवन्नामलाई जैसे शहर शामिल हैं। वहीं अब कंपनी का कहना है कि इन शहरों में Amazon Now के करीब 75 से 80 प्रतिशत फुलफिलमेंट पॉइंट्स More Retail के मौजूदा स्टोर्स हैं।
ऐसे में इन नई सेवा को लेकर Amazon Now के निदेशक निशांत सरदाना ने कहा है कि छोटे शहरों में More Retail के स्टोर्स को लगभग फुलफिलमेंट सेंटर की तरह इस्तेमाल किया जाएगा। जिसका सीधा मतलब है कि ग्राहक इन स्टोर्स से सामान खरीदने के साथ-साथ ऑनलाइन ऑर्डर भी कर सकेंगे और वहीं से उनकी डिलीवरी पूरी होगी।
देखा जा रहा है कि Amazon की यह रणनीति ऐसे वक्त में सामने आई है जब क्विक-कॉमर्स कंपनियां छोटे शहरों में नए ग्राहक तलाश रही हैं। लेकिन इन बाजारों में चुनौती भी कम नहीं है। कम ऑर्डर वॉल्यूम, छोटी औसत खरीदारी और ज्यादा डिलीवरी लागत कंपनियों के लिए मुश्किल पैदा कर सकती है। इसके बावजूद Amazon Now के ऑर्डर में तेजी देखने को मिल रही है। जिसको लेकर कंपनी का कहना कि पिछले कुछ महीनों में ऑर्डर हर महीने 20 से 25 प्रतिशत बढ़े हैं और हर तिमाही करीब दोगुने हो रहे हैं। लेकिन अमेजन ने कुल ऑर्डर या ग्रॉस मर्चेंडाइज वैल्यू का आंकड़ा सार्वजनिक नहीं किया है।
बता दें कि अमेजन इंडिया ने जून में Amazon Now को 300 से ज्यादा शहरों तक ले जाने की योजना सामने रखी थी। इसके तहत कंपनी 1,000 से ज्यादा माइक्रो फुलफिलमेंट सेंटर और 100 से अधिक बड़े अर्बन फुलफिलमेंट सेंटर बनाने की तैयारी हो रही हैं। लेकिन अभी के लिए Amazon Now के पास 600 से ज्यादा माइक्रो फुलफिलमेंट सेंटर हैं और कंपनी रोजाना करीब दो नए सेंटर जोड़ रही है। बड़े अर्बन सेंटर मौजूदा Amazon Now केंद्रों की तुलना में करीब चार गुना ज्यादा सामान रखने में सक्षम होंगे। वहीं कंपनी को आने वाली कुछ तिमाहियों में 300 शहरों का आंकड़ा पार करने की उम्मीद भी है।