

Uber AI Investment: Uber ने अपने कर्मचारियों के लिए बड़ा फैसला लिया है। बता दें कि कंपनी ने रीस्ट्रक्चरिंग प्लान के तहत करीब 3,300 कर्मचारियों की छंटनी करने का ऐलान कर दिया है। यह संख्या Uber की ग्लोबल वर्कफोर्स का लगभग 10 प्रतिशत होने वाली है। वहीं कंपनी के CEO दारा खोसरोवशाही ने कर्मचारियों को भेजे ईमेल में इस फैसले की जानकारी दी है। इस बदलाव को लेकर Uber का कहना है कि इस बदलाव का मकसद कंपनी के ढांचे को आसान बनाना, मैनेजमेंट की अतिरिक्त परतें कम करना और खर्च घटाना है।
बताया जा रहा है कि इस रीस्ट्रक्चरिंग का सबसे बड़ा असर Uber के मैनेजमेंट स्ट्रक्चर पर देखने को मिलने वाला है। जिसमें कंपनी मैनेजरों की संख्या में करीब 20 प्रतिशत की कटौती कि जा रही है। लेकिन कुछ मैनेजरों को नौकरी से हटाने के बजाय इंडिविजुअल कंट्रीब्यूटर रोल में शिफ्ट किया जा रहा है। इसके अलावा सात या उससे ज्यादा रिपोर्टिंग लेवल वाले पदों को भी करीब 20 प्रतिशत तक कम किया जा रहा है। वहीं सिर्फ एक या दो सदस्यों वाली छोटी यानी माइक्रो-टीम्स की संख्या भी आधी की जाएगी। इसको लेकर कंपनी का लक्ष्य कम लेयर और ज्यादा तेज फैसले लेने वाला संगठन तैयार करना है।
नए बदलाव में Uber ने रिमोट वर्क को लेकर भी बड़ा बदलाव किया है। कंपनी के ज्यादातर रिमोट कर्मचारियों को अब ऑफिस लौटना होगा। जिसमें आने वाले समय में केवल करीब 1 प्रतिशत कर्मचारी ही पूरी तरह रिमोट काम कर सकेंगे। वहीं कर्मचारियों के लिए सप्ताह में कम से कम तीन दिन ऑफिस से काम करना जरूरी होने वाला है।
CEO दारा खोसरोवशाही ने इस हदलाव को लेकर कहा है कि पिछले पांच सालों में तेजी से विस्तार के कारण Uber का संगठन काफी जटिल हो गया था। जिसमें ज्यादा रिपोर्टिंग लेयर्स और टीमों के बीच तालमेल की कमी से फैसले लेने में समय लग रहा था। इसी वजह से तीन डिलीवरी ऑपरेशन्स टीमों को एक साथ लाने और कोर सर्विसेज इंजीनियरिंग व साइंस टीमों के विलय की योजना है।
वहीं छंटनी से होने वाली लागत बचत का इस्तेमाल कंपनी भविष्य की तकनीकों में करेगी। Uber AI और ऑटोनॉमस व्हीकल टेक्नोलॉजी पर निवेश बढ़ाने की तैयारी में है। साथ ही कंपनी ने आने वाले सालों में रोबोटैक्सी पार्टनरशिप के लिए 10 अरब डॉलर से ज्यादा का बजट रखा है और Avride, Lucid, Nuro और Rivian जैसी कंपनियों में निवेश किया है। ऐसे में छंटनी के बाद Uber की कुल कर्मचारी संख्या करीब 30,000 रह जाएगी जो 2021 के स्तर के आसपास होने वाली है।