

WhatsApp Chat Privacy: आज के दौर में स्मार्टफोन हर किसी की ज़िंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। बातचीत करना हो, ऑफिस का काम निपटाना हो या दोस्तों से जुड़े रहना हो WhatsApp सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाने वाला ऐप है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के आने से जहां काम आसान हुआ है, वहीं प्राइवेसी को लेकर खतरे भी बढ़ गए हैं। हाल ही में एक बड़ा खुलासा सामने आया है कि एआई अब WhatsApp ग्रुप चैट्स को भी पढ़ सकता है।
पेटीएम के फाउंडर विजय शेखर शर्मा ने इस चिंता को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा किया। उनका कहना है कि "वॉट्सएप का एआई ग्रुप चैट्स पढ़ने की क्षमता रखता है।" हालांकि, उन्होंने इसके समाधान का भी ज़िक्र किया। उन्होंने यूजर्स को सलाह दी कि वे अपनी सेटिंग्स में जाकर Advanced Chat Privacy को ऑन कर लें। उन्होंने एक स्क्रीनशॉट भी साझा किया जिसमें साफ दिखाया गया कि यह फीचर डिफॉल्ट रूप से बंद रहता है लेकिन कुछ सेकंड में इसे एक्टिव किया जा सकता है।
WhatsApp ने अपने हालिया अपडेट में कई नए फीचर्स पेश किए हैं जिनमें एआई टूल्स भी शामिल हैं। कंपनी का कहना है कि Meta AI का इस्तेमाल पूरी तरह से वैकल्पिक (Optional) है। यानी यूजर की अनुमति के बिना यह आपकी चैट तक पहुंच नहीं सकता। साथ ही WhatsApp ने यह भी दोहराया कि सभी पर्सनल चैट्स एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन से सुरक्षित हैं। इसका मतलब है कि चैट सिर्फ मैसेज भेजने वाले और पाने वाले ही पढ़ सकते हैं।
अगर आप भी अपनी चैट को एआई से सुरक्षित रखना चाहते हैं तो इन स्टेप्स को फॉलो करें:
WhatsApp ने हाल ही में Message Summary नामक फीचर पेश किया है। इस फीचर की मदद से Meta AI लंबी और अनपढ़ी चैट्स का छोटा सारांश तैयार कर देता है। हालांकि इसका मकसद यूजर्स को सुविधा देना है, लेकिन इसी के चलते यूजर प्राइवेसी पर सवाल खड़े हो गए हैं। वहीं, खबरें हैं कि आने वाले समय में WhatsApp पेड चैनल सब्सक्रिप्शन भी लॉन्च कर सकता है।
WhatsApp के नए फीचर्स जहां यूजर्स का अनुभव आसान बनाते हैं, वहीं प्राइवेसी के खतरे भी बढ़ा रहे हैं। ऐसे में जरुरी है कि आप अपनी चैट सेटिंग्स को अपडेट रखें और Advanced Privacy जैसे फीचर्स का इस्तेमाल करें।