FIFA वर्ल्ड कप में बेईमानी पर उतरे ट्रंप! रेड कॉर्ड मिले खिलाड़ी का सस्पेंशन रद्द, UEFA ने जताया विरोध

Folarin Balogun Red Card: फीफा वर्ल्ड कप 2026 में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दखल के बाद फीफा ने फोलारिन बालोगन का रेड कार्ड बैन हटाया, जिसपर यूईएफए और बेल्जियम ने कड़ा विरोध जताया है।
Folarin Balogun Red Card
ट्रंप पर फीफा वर्ल्ड कप में बेईमानी का आरोप (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Folarin Balogun Red Card Controversies: अमेरिका इस समय मैक्सिको और कनाडा के साथ मिलकर FIFA वर्ल्ड कप 2026 को होस्ट कर रही है।  टूर्नामेंट इस समय अपने सबसे रोमांचक मोड़ पर आ गया है। इसी बीच वर्ल्ड कप में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। यूरोपियन फुटबॉल संस्था (UEFA) ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।   अमेरिकी टीम ने अपनी आखिरी मैच बोस्निया और हर्जेगोविना के खिलाफ 2 जुलाई को खेला था। इस मैच को अमेरिका ने 2-0 से अपने नाम किया था, लेकिन के दौरान यूएसए के स्ट्राइकर फोलारिन बालोगन को रेफरी ने रेड कार्ड दिया था। जिसका मतलब यह था कि बालोगन राउंड ऑफ 16 में बेल्जियम के खिलाफ अगला मैच नहीं खेल पाएंगे। बताया जा रहा है कि ट्रंप ने इस मामले में दखल देते हुए FIFA से बालोगन पर लगा सस्पेंशन हटवाया है।

FIFA के फैसले से बेल्जियम  नजर

FIFA के फैसले से अब फोलारिन बालोगन 7 जुलाई को बेल्जियम के खिलाफ खेलते हुए नजर आएंगे। हालांकि इस फैसले को लेकर बेल्जियम ने अपनी नाराजगी जाहिर की है। इसके अलावा सोशल मीडिया पर भी इस फैसले को लेकर फीफा और डोनाल्ड ट्रंप की आलोचना हो रही है। वहीं, इस FIFA की ओर से यह फैसला आने के बाद ट्रंप की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। ट्रंप ने फीफा की तारीफ करते हुए इसे सही फैसला करार दिया। उन्होंने कहा कि सही काम करने और एक बड़े अन्याय को होने से रोकने के लिए फीफा का धन्यावाद!  इसी बीच बेल्जियम के कोच रूडी गार्सिया ने फीफा के इस फैसले की आलोचना करते हुए मजाक उड़ाया है। गार्सिया ने सोशल मीडिया पर लिखा कि उन्हें नहीं पता था कि फीफा के ऑफिसों में 5 जुलाई को 1 अप्रैल माना जाता है। इसी प्रकार रॉयल बेल्जियन फुटबॉल एसोसिएशन ने भी फीफा के इस कदम को हैरानी भरा करार दिया है।

यूरोपियन फुटबॉल संस्था ने खोला मोर्चा

यूरोपीय फुटबॉल संस्था UEFA ने भी FIFA द्वारा फोलारिन बालोगुन के रेड-कार्ड बैन को हटाने के फैसले की कड़ी आलोचना की है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की समीक्षा अपील के बाद लिए गए इस फैसले पर UEFA ने कहा कि इससे खेल की निष्पक्षता प्रभावित हुई है और FIFA ने "रेड लाइन" पार कर दी है।

FIFA ने अपने बचाव में क्या कहा?

इसी बीच फीफा ने भी अपने बचाव में एक बयान जारी किया है। जिसमें अपने फैसले का बचाव करते हुए फीफा ने आर्टिकल 27 का हवाला दिया। संस्था ने कहा कि FIFA डिसिप्लिनरी कोड के आर्टिकल 27 के तहत मैच प्रतिबंध को एक साल के प्रोबेशन के लिए अवधि के लिए स्थगित किया गया है।

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