Spain Vs Germany Hockey: हॉकी वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में जर्मनी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्पेन को 1-0 से हराकर खिताब अपने नाम कर लिया। दोनों टीमों के बीच मुकाबला बेहद रोमांचक रहा और लंबे समय तक स्कोर बराबरी पर बना रहा। आखिरकार मिचेल स्ट्रूथॉफ के गोल ने जर्मनी को निर्णायक बढ़त दिलाई।
इस जीत के साथ जर्मनी ने चौथी बार हॉकी वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम किया। इससे पहले जर्मनी 2002, 2006 और 2023 में विश्व चैंपियन बन चुका है। लगातार दूसरी बार खिताब जीतकर जर्मनी ने अपना टाइटल भी डिफेंड कर लिया।
फाइनल मुकाबले की शुरुआत से ही स्पेन और जर्मनी के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। दोनों टीमों ने आक्रामक हॉकी खेली, लेकिन पहले क्वार्टर में कोई भी टीम गोल नहीं कर सकी।
नौवें मिनट में स्पेन को पेनल्टी कॉर्नर के जरिए गोल करने का मौका मिला, लेकिन टीम इसका फायदा नहीं उठा सकी। जर्मनी को भी पेनल्टी कॉर्नर मिला, मगर वह भी गोल में तब्दील नहीं हो सका।
दूसरे क्वार्टर में दोनों टीमों ने डिफेंस पर खासा जोर दिया। खिलाड़ियों ने कोई बड़ी गलती नहीं की और इस दौरान भी गोल नहीं हुआ। हाफ टाइम तक मुकाबला गोलरहित रहा।
तीसरे क्वार्टर में स्पेन ने गोल करने की कोशिश तेज की। 39वें मिनट में उसे पेनल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन एक बार फिर स्पेन गोल करने में नाकाम रहा।
इसके कुछ ही मिनट बाद जर्मनी ने मुकाबले में बढ़त बना ली। 44वें मिनट में मिचेल स्ट्रूथॉफ ने गोल दागकर जर्मनी को 1-0 से आगे कर दिया। इस गोल के बाद स्पेन ने बराबरी की पूरी कोशिश की, लेकिन जर्मनी के मजबूत डिफेंस को भेद नहीं सका।
आखिरी क्वार्टर में स्पेन ने मुकाबले में वापसी के लिए अपना पूरा जोर लगा दिया। टीम ने लगातार जर्मनी के सर्कल में दबाव बनाने की कोशिश की, लेकिन उसे बराबरी का गोल नहीं मिल सका।
जर्मनी ने आखिरी मिनटों में अपने डिफेंस को मजबूत रखा और स्पेन के हर हमले को नाकाम कर दिया। चौथे क्वार्टर में भी कोई गोल नहीं हुआ और आखिरकार जर्मनी ने 1-0 की बढ़त के साथ फाइनल जीत लिया।
स्पेन को हराकर जर्मनी ने हॉकी वर्ल्ड कप का अपना चौथा खिताब जीत लिया है। जर्मनी ने इससे पहले 2002, 2006 और 2023 में विश्व कप ट्रॉफी उठाई थी।
चौथी बार विश्व चैंपियन बनने के साथ ही जर्मनी ने सबसे ज्यादा हॉकी वर्ल्ड कप खिताब जीतने के मामले में पाकिस्तान के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है। जर्मनी के लिए यह जीत इसलिए भी खास है क्योंकि टीम ने 2023 के बाद लगातार दूसरी बार विश्व कप ट्रॉफी पर कब्जा जमाया है।