

Shreyas Iyer Statement Cricket News: भारत और आयरलैंड के बीच दो मैचों की टी20 सीरीज का पहला मुकाबला सिविल सर्विस क्रिकेट क्लब में खेला गया। इस मैच में जब बतौर कप्तान श्रेयस अय्यर टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने उतरे, तो फैंस को उम्मीद थी कि 15 साल के युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग इलेवन में मौका मिलेगा। हालांकि, जब अंतिम-11 खिलाड़ियों की लिस्ट सामने आई तो उसमें इस बाएं हाथ के विस्फोटक बल्लेबाज का नाम गायब था।
अगर इस मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी को डेब्यू कैप मिल जाती, तो वह भारतीय सीनियर क्रिकेट टीम के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बन जाते। इसी के साथ वह महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर का लगभग 37 साल पुराना सबसे कम उम्र में डेब्यू करने का ऐतिहासिक रिकॉर्ड भी तोड़ देते। लेकिन इस मैच में मौका न मिलने से उनका यह इंतजार थोड़ा और लंबा हो गया है।
पहले टी20 मैच में बड़े-बड़े धुरंधरों के फ्लॉप होने और आयरलैंड के हाथों मिली पहली हार के बाद वैभव को न खिलाने पर सवाल उठने लगे। इस पर कप्तान श्रेयस अय्यर ने सफाई देते हुए कहा, "वैभव एक बेहद शानदार और प्रतिभावान खिलाड़ी है, लेकिन बदकिस्मती से वह इस मैच में नहीं खेल सका। हमारी टीम में कई ऐसे अनुभवी खिलाड़ी मौजूद हैं, जिन्होंने पिछली कुछ सीरीज में भारत के लिए बेहतरीन खेल दिखाया है।"
कप्तान अय्यर और हेड कोच गौतम गंभीर ने युवा खिलाड़ी को लेकर साफ कहा कि फैंस को अभी थोड़ा और इंतजार करना होगा, समय आने पर वैभव को निश्चित ही मौका दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि हम इस समय अचानक अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन की ओपनिंग जोड़ी को ऐसे ही नहीं तोड़ सकते थे। टीम उन क्रिकेटरों का पूरा समर्थन कर रही है जो पूरे सीजन में लगातार शानदार प्रदर्शन करते आ रहे हैं।
बाएं हाथ के चमत्कारी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने पिछले एक साल में हर स्तर पर रन बरसाए हैं। इंडिया-ए और इंडिया अंडर-19 के लिए दमदार पारियां खेलने के बाद उन्होंने आईपीएल 2026 में इतिहास रच दिया था। सीजन के 16 मैचों की 16 पारियों में वैभव ने 1 शतक और 5 अर्धशतक की मदद से रिकॉर्ड 776 रन बनाए थे और ऑरेंज कैप अपने नाम की थी।
15 साल के इस युवा बल्लेबाज ने आईपीएल के उसी एक सीजन में 72 गगनचुंबी छक्के जड़े थे, जो कि इस टूर्नामेंट के इतिहास में एक सीजन में किसी भी बल्लेबाज द्वारा लगाए गए सबसे ज्यादा छक्के हैं। इसी दमदार और विस्फोटक प्रदर्शन के दम पर वैभव सूर्यवंशी को सबसे कम उम्र में भारतीय सीनियर नेशनल टीम में जगह मिली है।
पहले मुकाबले में मौका न मिलना निश्चित रूप से वैभव के लिए थोड़ा निराशाजनक हो सकता है, लेकिन उनके पास सचिन का रिकॉर्ड तोड़ने के मौके आगे भी बने रहेंगे। भारतीय टीम इस सीरीज का दूसरा और आखिरी मुकाबला 28 जून को इसी मैदान पर खेलेगी। पहले मैच में मिली करारी हार के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि अगले मैच में टीम मैनेजमेंट वैभव को मैदान पर उतारने का बड़ा फैसला ले सकती है।