Asian Games 2026: सावन बरवाल ने जीता सिल्वर, 44 साल बाद पुरुष मैराथन में भारत को मिला मेडल

India Asian Games Medal Sawan Barwal: सावन बरवाल ने एशियन गेम्स 2026 की पुरुष मैराथन में सिल्वर मेडल जीता। 44 साल बाद भारत को इस इवेंट में एशियन गेम्स मेडल मिला।
asian games 2026 sawan barwal silver
सावन बरवालसौजन्य-एक्स @TheKhelIndia
Published on: 
Updated on: 

Asian Games Marathon Silver: एशियन गेम्स 2026 में भारत को एक ऐतिहासिक जीत हासिल हुई है। सावन बरवाल ने पुरुष मैराथन में 44 साल का सूखा खत्म कर इतिहास रच दिया है। सावन बरवाल ने एशियन गेम्स 2026 की पुरुष मैराथन में सिल्वर मेडल अपने नाम किया है।

44 साल बाद भारत को इस इवेंट में एशियन गेम्स मेडल मिला है। बरवाल ने अप्रैल 2026 में रॉटरडैम मैराथन में 2:11:58 के साथ 48 साल पुराना भारतीय राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ा था। एशियन गेम्स में उन्होंने अपना ही रिकॉर्ड और बेहतर किया।

शनिवार को एशियन गेम्स में पुरुषों की मैराथन में सावन बरवाल ने अपना अब तक का सबसे अच्छा समय निकालते हुए ऐतिहासिक सिल्वर मेडल जीता। यह 44 साल में इस टूर्नामेंट में इस इवेंट में भारत का पहला मेडल है।

भारत ने 1982 में जीता था मेडल

भारत ने आखिरी बार 1982 के एशियन गेम्स में मैराथन में मेडल जीता था। बरवाल ने 2 घंटे, 11 मिनट और 37 सेकंड में रेस पूरी की। वह गोल्ड मेडल जीतने वाले जापान के इचिताका यामाशिता से 48 सेकंड पीछे रहे, जिन्होंने 2 घंटे, 10 मिनट और 49 सेकंड का समय लिया था।

17वें स्थान पर रहे कार्तिक

चीन के पेइयू फेंग ने 2 घंटे, 12 मिनट और 13 सेकंड के समय के साथ तीसरा स्थान हासिल किया। इससे पहले अप्रैल में, बरवाल ने NN रॉटरडैम मैराथन में शिवनाथ सिंह का 48 साल पुराना नेशनल रिकॉर्ड तोड़ा था। भारत के कार्तिक 17वें स्थान पर रहे।

asian games 2026 sawan barwal silver
CWG 2026 Day 5: गुलवीर सिंह ने रचा इतिहास, हरजिंदर कौर ने जीता सिल्वर; भारत की झोली में 12 पदक

सुबह 4 बजे हुई थी मैराथन की शुरुआत

मैराथन की शुरुआत सुबह 4:00 बजे (IST) हुई, जिसमें बरवाल और उनके साथी भारतीय धावक कार्तिक कारकेरा समेत 19 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। शुरुआती दौर में बरवाल आगे रहने वाले ग्रुप में मजबूत स्थिति में रहे और जैसे-जैसे रेस आगे बढ़ी, उन्होंने सबसे आगे अपनी जगह बना ली।

रेस के आधे रास्ते तक बरवाल दूसरे स्थान पर आ चुके थे। जैसे-जैसे रेस आगे बढ़ी, वे मेडल की दौड़ में बने रहे और 35 किलोमीटर के निशान पर 1:49:29 के समय के साथ दूसरे स्थान पर रहे।

सावन बरवाल ने आखिरी दौर तक हार नहीं मानी

रेस खत्म होने में जब लगभग सात किलोमीटर बचे थे, तब बरवाल जापान के इचिताका यामाशिता का पीछा कर रहे थे। हालांकि जापानी धावक ने काफी बढ़त बना ली थी, लेकिन बरवाल ने आखिरी दौर में भी हार नहीं मानी और सिल्वर मेडल की दौड़ में बने रहे।

बरवाल की यह उपलब्धि एशियन गेम्स की मैराथन के इतिहास में भारत के लिए चौथा मेडल है। इससे पहले छोटा सिंह ने 1951 के एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीता था, जबकि उसी संस्करण में सूरत सिंह माथुर ने ब्रॉन्ज मेडल जीता था। होसुर कुकप्पा सीताराम ने 1982 के एशियन गेम्स में ब्रॉन्ज मेडल जीता था।

लक्ष्य सेन का सफर हुआ खत्म

एशियन गेम्स 2026 के बैडमिंटन टूर्नामेंट में लक्ष्य सेन का सफर खत्म हो गया। पुरुष सिंगल्स के राउंड ऑफ 32 में लक्ष्य सेन (TOPS कोर|WR-14) सिंगापुर के लोह कीन यू (WR-13) से 1–2 से हार गए।

लक्ष्य सेन ने बेहतरीन खेल खेलते हुए सिंगापुर के लोह कीन को आखिरी राउंड तक जमकर टक्कर दी। उनका गेम स्कोर 12–21, 21–15, 14–21 रहा। इसी नतीजे के साथ ही लक्ष्य का एशियन गेम्स का सफर खत्म हो गया।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com