

Sakshi Chaudhary Gold Medal in CWG 2026: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय महिला मुक्केबाजों का शानदार प्रदर्शन जारी है। साक्षी चौधरी ने महिलाओं के 51 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में इंग्लैंड की रूबी व्हाइट को हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। कॉमनवेल्थ गेम्स में यह उनका पहला मुकाबला था और उन्होंने पदार्पण को ही गोल्डन बना दिया। इस जीत के साथ साक्षी ने भारत के पदकों की झोली में एक और स्वर्ण जोड़ते हुए अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
पूरे टूर्नामेंट में साक्षी चौधरी का प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली रहा।
साक्षी पहले 54 किलोग्राम वर्ग में मुकाबले खेलती थीं, लेकिन बेहतर प्रदर्शन और प्रतिस्पर्धा को देखते हुए उन्होंने 51 किलोग्राम वर्ग में उतरने का फैसला किया। कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए क्वालीफाई करने से पहले उन्होंने राष्ट्रीय ट्रायल्स में दो बार की चैंपियन निकहत जरीन और विश्व व एशियाई चैंपियन मीनाक्षी हुड्डा जैसी दिग्गज मुक्केबाजों को हराकर अपनी जगह बनाई थी।
हरियाणा के भिवानी जिले के धनाना गांव में 9 सितंबर 2000 को जन्मी साक्षी बचपन में काफी शरारती थीं। वह अक्सर लड़ाई-झगड़े कर बैठती थीं। उनकी इसी आदत को सही दिशा देने के लिए उनके पिता ने उन्हें बॉक्सिंग की ट्रेनिंग दिलाने का फैसला किया। भिवानी बॉक्सिंग क्लब में उन्होंने दिग्गज कोच जगदीश सिंह के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण लिया। जगदीश सिंह भारतीय मुक्केबाजी के कई सितारों को तराश चुके हैं।
साक्षी चौधरी भारतीय सेना में हवलदार के पद पर कार्यरत हैं। उनके भाई भी भारतीय सेना में अधिकारी हैं। परिवार का सैन्य और खेल दोनों से गहरा जुड़ाव रहा है, जिसने उनके करियर को मजबूत आधार दिया।
साक्षी चौधरी की यह सफलता न केवल भारतीय बॉक्सिंग के लिए बड़ी उपलब्धि है, बल्कि यह भी दिखाती है कि सही मार्गदर्शन, अनुशासन और मेहनत से किसी भी प्रतिभा को विश्व मंच तक पहुंचाया जा सकता है।