

First Indian Swimmer To Qualify Directly For Olympics: भारत में तैराकी तेजी से आगे बढ़ रहा खेल है। भारतीय तैराकों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है, लेकिन बड़ी सफलता का इंतजार अभी जारी है। ऐसे में साजन प्रकाश भारतीय तैराकी के प्रमुख नामों में शामिल हैं। वो ओलंपिक के लिए सीधे क्वालीफाई करने वाले पहले भारतीय तैराक हैं।
साजन प्रकाश का जन्म 14 सितंबर 1993 को केरल के इडुक्की में हुआ था। तैराकी में उनके आने का श्रेय उनकी मां शांतिमोल को भी जाता है। शांतिमोल ट्रैक एंड फील्ड एथलीट रही हैं। जहां वह काम करती थीं, वहां एक स्विमिंग पूल भी था। इसी वजह से साजन का तैराकी के प्रति लगाव बचपन में ही शुरू हो गया।
साजन ने महज 5 साल की उम्र में पहली बार स्विमिंग पूल में कदम रखा था। शुरुआती दौर में उनकी प्रतिभा को देखते हुए परिवार ने उन्हें पूरा सहयोग दिया। बाद में उनका दाखिला तमिलनाडु के नेवेली सिटी स्विमिंग क्लब में कराया गया।
इसके बाद साजन बेंगलुरु चले गए, जहां उन्होंने मशहूर तैराकी कोच प्रदीप कुमार से प्रशिक्षण लिया। शुरुआत में वो शॉर्ट कोर्स तैराकी पर ध्यान देते थे, लेकिन कोच की सलाह पर उन्होंने लंबे कोर्स की प्रतियोगिताओं पर ज्यादा ध्यान देना शुरू किया। 200 मीटर बटरफ्लाई उनका प्रमुख इवेंट बना।
साजन ने 2014 में राष्ट्रमंडल खेलों और एशियन गेम्स में हिस्सा लिया। 2015 के राष्ट्रीय खेलों में उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए 6 स्वर्ण और 2 रजत सहित कुल 8 पदक जीते। इसके अगले साल 2016 में गुवाहाटी में हुए दक्षिण एशियाई खेलों में साजन ने तीन स्वर्ण पदक जीते। उन्होंने 200 मीटर बटरफ्लाई, 1500 मीटर फ्रीस्टाइल और 4x200 मीटर रिले में स्वर्ण पदक अपने नाम किए।
साजन ने 2016 रियो ओलंपिक में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया। वो 200 मीटर बटरफ्लाई की हीट में 28वें स्थान पर रहे। इसके बाद उन्होंने अपने प्रदर्शन में लगातार सुधार किया। 2021 में रोम में आयोजित सेटे कोली ट्रॉफी में साजन ने 100 मीटर बैकस्ट्रोक, 200 मीटर बटरफ्लाई और 200 मीटर फ्रीस्टाइल में तीन राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाए।
तैराकी में उनके योगदान को देखते हुए भारत सरकार ने 2024 में उन्हें अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित किया। साजन प्रकाश का सफर भारतीय तैराकी में लगातार मेहनत और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने की मिसाल है।