प्रग्गनानंदा ने पलट दिया पूरा खेल! कारुआना को हराकर रचा इतिहास, ग्रैंड चेस टूर जीतने वाले पहले भारतीय बने

Grand Chess Tour 2026: भारतीय ग्रैंडमास्टर आर प्रग्गनानंदा ने फैबियानो कारुआना को हराकर इतिहास रचा। वो ग्रैंड चेस टूर का खिताब जीतने वाले पहले भारतीय बन गए है।
Praggnanandhaa turned the tide completely! He made history by defeating Caruana
आर प्रग्गनानंदा (सोर्स - सोशल मीडिया)
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Praggnanandhaa Becomes 1 Indian To Win Grand Chess Tour: भारतीय ग्रैंडमास्टर आर प्रग्गनानंदा ने शतरंज की दुनिया में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल कर इतिहास रच दिया है। 21 साल के प्रग्गनानंदा ने फाइनल में अमेरिका के दिग्गज खिलाड़ी फैबियानो कारुआना को हराकर ग्रैंड चेस टूर फाइनल्स का खिताब अपने नाम कर लिया। वह इस खिताब को जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं।

कैसा रहा खिताबी मुकाबला?

फाइनल की शुरुआत प्रग्गनानंदा के लिए अच्छी नहीं रही थी। दिन की शुरुआत में वो कारुआना से 6 अंक पीछे थे। लेकिन भारतीय खिलाड़ी ने हार नहीं मानी और रैपिड मुकाबलों में शानदार वापसी की। उन्होंने कारुआना के खिलाफ दोनों रैपिड गेम जीतकर मुकाबले का रुख पूरी तरह बदल दिया और बढ़त हासिल कर ली।

इसके बाद प्रग्गनानंदा के सामने सबसे बड़ी चुनौती ब्लिट्ज मुकाबलों में अपनी बढ़त बचाने की थी। चार गेम के ब्लिट्ज चरण में उन्होंने धैर्य बनाए रखा और आखिरकार 15-13 के स्कोर से फाइनल जीत लिया।

पहली बार किसी भारतीय ने जीता खिताब

आर प्रग्गनानंदा की ये जीत इसलिए भी खास है क्योंकि ग्रैंड चेस टूर के 11 संस्करण खेले जा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई भारतीय खिलाड़ी ये ट्रॉफी नहीं जीत पाया था।

खिताब जीतने के साथ प्रग्गनानंदा को 2 लाख डॉलर (करीब 1.91 करोड़ रुपये) की इनामी राशि मिली। फाइनल में कारुआना दूसरे स्थान पर रहे और उन्हें 1.25 लाख डॉलर मिले।

किसे कितनी इनामी राशि मिली?

  • आर प्रग्गनानंदा: 2,00,000 डॉलर (करीब 1.91 करोड़ रुपये)

  • फैबियानो कारुआना: 1,25,000 डॉलर (करीब 1.19 करोड़ रुपये)

  • वेस्ली सो: 75,000 डॉलर

  • विंसेंट कीमर: 50,000 डॉलर

प्रग्गनानंदा, कारुआना और तीसरे स्थान पर रहने वाले वेस्ली सो ने अगले सीजन के लिए सीधे क्वालीफाई भी कर लिया है।

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कारुआना की बढ़त भी नहीं बचा पाई

क्लासिकल गेम खत्म होने के बाद कारुआना के पास 6 अंकों की बड़ी बढ़त थी। ऐसे में प्रग्गनानंदा के लिए वापसी करना आसान नहीं था। लेकिन उन्होंने रैपिड में लगातार दो जीत हासिल कर अंतर खत्म किया और फिर ब्लिट्ज में अपना संयम बनाए रखा।

ग्रैंड चेस टूर के इतिहास में मैग्नस कार्लसन, वेस्ली सो, अलीरेजा फिरोजा और फैबियानो कारुआना दो-दो बार यह खिताब जीत चुके हैं। अब प्रग्गनानंदा भी इस खास सूची में अपना नाम दर्ज कराने की ओर बढ़ चुके हैं। ये जीत भारतीय शतरंज के लिए भी बड़ी उपलब्धि है और प्रग्गनानंदा के करियर की अब तक की सबसे बड़ी जीतों में से एक मानी जा रही है।

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