

पेरिस: भारत के कपिल परमार ने पैरालिंपिक के 60 किग्रा जे1 पुरुष पैरा जूडो इवेंट में कांस्य पदक जीता। इसके साथ ही भारत के पदकों की संख्या 25 हो गई है। भारत ने 2024 में पेरिस पैरालिंपिक में 25 पदक जीतकर इतिहास रच दिया है। यह पहला मौका है जब भारत ने ओलंपिक या पैरालिंपिक में जूडो में पदक जीता है।
भारत ने अब तक 5 स्वर्ण पदक, 9 रजत पदक और 11 कांस्य पदक जीते हैं। कपिल परमार ने कांस्य पदक के मुकाबले में ब्रेज़ाल के एलील्टन डी ओलिवेरा को आसानी से हरा दिया। कपिल ने यह मुकाबला महज 33 सेकंड में जीत लिया। इससे पहले वे सेमीफाइनल में ईरान के एस बनिताबा खोर्रम अबादी से हार गए थे। परमार (24 वर्ष) सेमीफाइनल ए में अपने ईरानी प्रतिद्वंद्वी से 0-10 से हार गए।
परमार ने 2022 एशियाई खेलों में इसी वर्ग में रजत पदक जीता। उन्होंने क्वार्टर फाइनल में वेनेजुएला के मार्को डेनिस ब्लैंको को 10-0 से हराया। परमार को दोनों मैचों में येलो कार्ड मिला। जूडो में मामूली उल्लंघन के लिए येलो कार्ड दिए जाते हैं।
परमार मध्य प्रदेश के शिवोर नामक एक छोटे से गांव से हैं। परमार के साथ बचपन में एक दुर्घटना हुई थी। जब वह अपने गांव के खेतों में खेल रहे थे इस दौरान उन्होंने पानी के पंप को छू लिया। जिससे उन्हें जोरदार इलेक्ट्रिक शॉक लगा था। पेरिस में भारत के शानदार प्रदर्शन ने कई रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। इसमें पैरालिंपिक में पदक जीतने का रिकॉर्ड भी शामिल है। टोक्यो पैरालिंपिक में भारत ने कुल 19 पदक जीते। जिसमें 5 स्वर्ण पदक शामिल थे।
जैसे ही कपिल ने ब्राजील के खिलाड़ी के खिलाफ कांस्य पदक का मुकाबला जीता, परिवार और गांव के लोगों ने जमकर जश्न मनाना शुरू कर दिया। खूब आतिशबाजी हुई, मिठाइयां बांटी गईं और दोस्तों ने ढोल पर जमकर डांस किया। सभी को उम्मीद थी कि कपिल पेरिस में देश के लिए पदक जीतेंगे, इसके लिए तैयारियां भी हो चुकी थीं।