London Squash Classic: अनाहत सिंह क्वार्टर फाइनल में हारीं, शिवसांगरी सुब्रमण्यम ने 17 मिनट में हराया

London Squash Classic 2026: लंदन स्क्वैश क्लासिक के क्वार्टर फाइनल में भारतीय स्क्वैश खिलाड़ी अनाहत सिंह को मलेशिया की शिवसांगरी सुब्रमण्यम ने 11-4, 11-4 से हराकर बाहर किया।
London Squash Classic: Anahat Singh loses in quarter-finals; Sivasangari Subramaniam wins in 17 minutes.
अनाहत सिंह बनाम शिवसांगारी सुब्रमण्यम (सोर्स - सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

Sivasangari Defeats Anahat Singh In Quarter Finals: भारत की युवा स्क्वैश खिलाड़ी अनाहत सिंह का लंदन स्क्वैश क्लासिक में सफर क्वार्टर फाइनल में हार के साथ खत्म हो गया। मलेशिया की तीसरी वरीयता प्राप्त शिवसांगरी सुब्रमण्यम ने अनाहत को सीधे गेमों में 11-4, 11-4 से हराया।

मौजूदा विश्व जूनियर चैंपियन अनाहत मुकाबले की शुरुआत से ही लय हासिल करने के लिए संघर्ष करती नजर आईं। शिवसांगरी ने रैलियों पर पकड़ बनाए रखी और अनाहत को लगातार कोर्ट के पीछे खेलने के लिए मजबूर किया। मलेशियाई खिलाड़ी ने सिर्फ 17 मिनट में मुकाबला अपने नाम कर लिया। इस हार के साथ 1,44,000 अमेरिकी डॉलर इनामी पीएसए गोल्ड टूर्नामेंट में अनाहत का सफर समाप्त हो गया।

शिवसांगरी के सामने टूटी लय

अनाहत सिंह ने क्वार्टर फाइनल में पहुंचने के लिए बेल्जियम की आठवीं वरीयता प्राप्त नेले गिलिस को तीन गेम के कड़े मुकाबले में हराया था। इस जीत के बाद उनसे अगले दौर में भी अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद थी, लेकिन शिवसांगरी के खिलाफ वो अपनी लय नहीं बना सकीं।

शिवसांगरी अब सेमीफाइनल में दूसरी वरीयता प्राप्त और मौजूदा विश्व चैंपियन मिस्र की अमीना ओरफी का सामना करेंगी। शिवसांगरी ने अनाहत के खिलाफ जीत का श्रेय अपनी रणनीति और पूरे मैच में दबाव बनाए रखने को दिया। उन्होंने कहा कि अनाहत प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं और कई शीर्ष खिलाड़ियों को हरा चुकी हैं।

London Squash Classic: Anahat Singh loses in quarter-finals; Sivasangari Subramaniam wins in 17 minutes.
सात्विक-चिराग का शानदार प्रदर्शन, डेनमार्क की स्टार जोड़ी को हराकर चाइना मास्टर्स के सेमीफाइनल में पहुंचे

एशियन गेम्स से पहले मिली बड़ी चुनौती

अनाहत की ये हार एशियन गेम्स से पहले उनके लिए एक अहम चुनौती भी है। शिवसांगरी इस समय एशिया की सबसे ऊंची रैंक वाली स्क्वैश खिलाड़ियों में शामिल हैं और जापान में होने वाले एशियन गेम्स में वो भारत के लिए कड़ी चुनौती पेश कर सकती हैं।

एशियन गेम्स में स्क्वैश के एकल स्वर्ण पदक का महत्व भी काफी ज्यादा होगा, क्योंकि एकल चैंपियन को 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक्स के लिए क्वालीफिकेशन हासिल होगा। लॉस एंजिल्स ओलंपिक्स में स्क्वैश पहली बार शामिल होगा। एशियन गेम्स पर ध्यान लगाने से पहले अनाहत के पास एक और टूर्नामेंट होगा। वह 12 सितंबर से कतर क्लासिक में हिस्सा लेंगी।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com