

भारतीय महिला टीम ने दूसरे वनडे मैच में जिम्बाब्वे को 121 रनों से हराया
भारत ने दूसरे वनडे में जिम्बाब्वे को हराकर सीरीज पर जमाया कब्जा
भारत ने तीन मैचों की वनडे सीरीज में 2-0 की बनाई अजेय बढ़त
IND W vs ZIM W 2nd ODI: हरमनप्रीत कौर के 126 रन और दीप्ति शर्मा के नाबाद 106 के शानदार शतकों के बाद 20 साल की स्पिनर वैष्णवी शर्मा के 4 विकेट की घातक गेंदबाजी की बदौलत भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने रविवार को दूसरे वनडे में जिम्बाब्वे को 121 रनों से करारी शिकस्त देकर सीरीज पर कब्जा जमा लिया।
वडोदरा के कोटांबी स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले को जीतकर भारत ने तीन मैचों की वनडे सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली है। इस मैच में ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा ने छठे नंबर पर आकर शतक जड़ा और एक ऐसा इतिहास रच दिया जो इससे पहले कोई भारतीय महिला बल्लेबाज नहीं कर सकी थी।
दरअसल, टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत बेहद खराब रही। कप्तान स्मृति मंधाना बिना खाता खोले 0 और शेफाली वर्मा सिर्फ 8 रन बनाकर पवेलियन लौट गई।
तीसरे ओवर में 19 रन पर 2 विकेट गिर जाने के बाद उप-कप्तान हरमनप्रीत कौर और प्रतीका रावल ने मोर्चा संभाला। दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 124 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी की। प्रतीका ने 67 गेंदों पर 61 रनों की पारी खेली।
प्रतीका के आउट होने के बाद भी हरमनप्रीत कौर ने आक्रामक रुख अपनाए रखा। उन्होंने दीप्ति शर्मा के साथ मिलकर पांचवें विकेट के लिए 153 रनों की विशाल साझेदारी की। हरमनप्रीत ने 121 गेंदों में 15 चौकों की मदद से 126 रन बनाए, जो उनके वनडे करियर का 8वां शतक है। भारत ने निर्धारित 50 ओवरों में 6 विकेट खोकर 328 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया।
इस मैच की सबसे बड़ी हीरों दीप्ति शर्मा की पारी रही। दीप्ति ने महज 37 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया और आखिरी ओवर में शतक जड़ते हुए 86 गेंदों पर नाबाद 106 रन बनाए जिसमें 15 चौके शामिल थें।
इसी के साथ दीप्ति शर्मा भारतीय महिला वनडे क्रिकेट इतिहास में छठे या उससे नीचे के क्रम पर बल्लेबाजी करते हुए शतक लगाने वाली पहली खिलाड़ी बन गई हैं। इससे पहले इस नंबर पर भारत के लिए सबसे बड़ा स्कोर ऋचा घोष (94 रन बनाम साउथ अफ्रीका, विशाखापट्टनम) के नाम था।
329 रनों के बड़े लक्ष्य का पीछा करने उतरी जिम्बाब्वे की शुरुआत सकारात्मक रही। 20 ओवर में टीम का स्कोर 1 विकेट पर 104 रन था। ओपनर मोडेस्टर मुपाचिक्वा (49) और चिपो मुगेरी-तिरिपानो (46) ने भारतीय गेंदबाजों को छकाया।
लेकिन 107 के स्कोर पर चिपो और 120 के स्कोर पर मुपाचिक्वा के आउट होते ही जिम्बाब्वे की पारी ताश के पत्तों की तरह ढह गई और पूरी टीम 48.5 ओवर में 207 रन पर ऑलआउट हो गई।
भारत की जीत में 20 साल की बाएं हाथ की स्पिनर वैष्णवी शर्मा ने मुख्य भूमिका निभाई। उन्होंने 10 ओवर में 1 मेडन के साथ 39 रन देकर 4 विकेट चटकाए।
वैष्णवी ने बेलव्ड बीजा और कप्तान जोसेफिन नकोमो को LBW किया, जबकि मिशेल मावुंगा को शानदार टर्न पर बोल्ड किया। मैच के बाद वैष्णवी ने मावुंगा के बोल्ड को अपना पसंदीदा विकेट बताया। वैष्णवी के अलावा दीप्ति शर्मा ने गेंद से भी कमाल करते हुए 9 ओवर में 32 रन देकर 3 विकेट अपने नाम किए।