एमबाप्पे से माफी की मांग, नहीं माने तो कानूनी कार्रवाई की चेतावनी; पैराग्वे की सीनेटर का बड़ा बयान

FIFA World Cup Controversy: पैराग्वे की सीनेटर सेलेस्टे अमरिला ने किलियन एमबाप्पे को सार्वजनिक रूप से माफी मांगने को कहा है, ऐसा न होने पर वो 'जेंडर आधारित हिंसा' का केस दर्ज कराएंगी।
Demand for apology from Mbappé, warning of legal action if refused; Paraguayan senator makes strong statement.
किलियन एमबाप्पे और सेलेस्टे अमरिला (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Paraguayan Senator Warns Mbappé: फीफा वर्ल्ड कप 2026 के दौरान फ्रांस के स्टार फुटबॉलर किलियन एमबाप्पे और पैराग्वे की सीनेटर सेलेस्टे अमरिला के बीच शुरू हुआ विवाद अब और बढ़ गया है। अमरिला ने एमबाप्पे को एक खुला पत्र लिखकर उनसे सार्वजनिक रूप से माफी मांगने को कहा है। उन्होंने साफ चेतावनी दी है कि अगर एमबाप्पे माफी नहीं मांगते, तो वो उनके खिलाफ 'जेंडर आधारित हिंसा' के मामले में कानूनी कार्रवाई करेंगी।

अमरिला ने पत्र में क्या लिखा

अपने पत्र में अमरिला ने माना कि उन्होंने हार के गुस्से में वो पोस्ट लिखी थी, लेकिन बाद में अपनी गलती का एहसास होने पर उसे तुरंत हटा दिया। उन्होंने कहा कि वो उस तरह का व्यवहार नहीं करना चाहती थीं, जिससे उन्हें खुद नफरत है। साथ ही उन्होंने ये भी स्वीकार किया कि अपमानजनक शब्द किसी को भी चोट पहुंचाते हैं।

हालांकि, उन्होंने एमबाप्पे की प्रतिक्रिया पर कड़ी आपत्ति जताई। अमरिला ने कहा कि उन्हें 'घटिया महिला' और 'अपने पद के योग्य नहीं' कहना उनकी एक महिला और जनता द्वारा चुनी गई प्रतिनिधि के सम्मान पर हमला है। उन्होंने एमबाप्पे से अपने बयान वापस लेने और सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की।

अमरिला ने एमबाप्पे को दी चेतावनी

अमरिला ने कहा कि वो पैराग्वे की चुनी हुई सीनेटर हैं और हजारों लोगों ने उन पर भरोसा जताकर उन्हें संसद भेजा है। उन्होंने आरोप लगाया कि एमबाप्पे की टिप्पणी जेंडर आधारित राजनीतिक हिंसा है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर एमबाप्पे ने माफी नहीं मांगी, तो वो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगी।

मैक्रों और इन्फेंटिनो ने किया एमबाप्पे का समर्थन

इस विवाद के बीच फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो एमबाप्पे के समर्थन में सामने आए हैं। मैक्रों ने नस्लवाद के खिलाफ एमबाप्पे का समर्थन करते हुए सम्मान और भाईचारे की बात कही, जबकि इन्फेंटिनो ने सीनेटर के नस्लवादी बयान की निंदा करते हुए कहा कि पूरा फुटबॉल जगत नस्लवाद के खिलाफ एकजुट है।

क्या है पूरा मामला

दरअसल, राउंड ऑफ 16 में पैराग्वे की फ्रांस से हार के बाद सीनेटर अमरिला ने सोशल मीडिया पर गुस्से में आपत्तिजनक पोस्ट की थी। इसके जवाब में किलियन एमबाप्पे ने उन्हें 'घटिया महिला' और 'अपने पद के लायक नहीं' बताया। उन्होंने ये भी कहा कि अमरिला पैराग्वे का प्रतिनिधित्व नहीं करतीं, जबकि उनकी टीम ने पूरे टूर्नामेंट में सम्मान और जज्बे के साथ खेल दिखाया।

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