CWG 2026: पीएम मोदी ने भारतीय खिलाड़ियों को दी शुभकामनाएं, बोले- जुनून और उत्कृष्टता की...

PM Modi Wishes CWG Athletes: ग्लासगो में कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के आगाज के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन पर भरोसा जताया है।
CWG 2026: PM Modi extends best wishes to Indian athletes, speaks of passion and excellence...
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (सोर्स- सोशल मीडिया)
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PM Narendra Modi Wishes Indian Athletes: ग्लासगो में शुरू हुए कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके शानदार प्रदर्शन पर भरोसा जताया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय खिलाड़ी अपने जुनून, दृढ़ संकल्प और उत्कृष्टता की भावना के साथ देश का प्रतिनिधित्व करेंगे और करोड़ों भारतीयों को प्रेरित करेंगे।

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर पर लिखा, 'कॉमनवेल्थ गेम्स की शुरुआत पर भारतीय दल को मेरी हार्दिक शुभकामनाएं। मुझे विश्वास है कि हमारे खिलाड़ी पूरे जुनून, दृढ़ संकल्प और उत्कृष्टता की भावना के साथ प्रतियोगिता में हिस्सा लेंगे। हमारे खिलाड़ियों का कौशल और समर्पण हमेशा अनगिनत भारतीयों को प्रेरित करता है।'

इन स्टार खिलाड़ियों पर रहेंगी भारत की नजर

इस बार भारत की चुनौती की अगुवाई ओलंपिक और विश्व स्तर के कई दिग्गज खिलाड़ी करेंगे। इनमें ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता नीरज चोपड़ा (भाला फेंक), ओलंपिक रजत पदक विजेता मीराबाई चानू (वेटलिफ्टिंग) औरओलंपिक पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन (बॉक्सिंग) जैसे बड़े नाम शामिल हैं।

भारत को लगा बड़ा झटका

हालांकि खेलों से पहले भारतीय वेटलिफ्टिंग टीम को बड़ा झटका लगा है। क्वालिफिकेशन अवधि के दौरान डोपिंग नियमों के उल्लंघन के कारण भारत का वेटलिफ्टिंग कोटा घटा दिया गया, जिससे इस खेल में भारत की पदक संभावनाओं पर असर पड़ सकता है।

सबसे छोटा कॉमनवेल्थ गेम्स

बर्मिंघम 2022 में भारत ने 22 स्वर्ण, 16 रजत और 23 कांस्य सहित कुल 61 पदक जीतकर चौथा स्थान हासिल किया था। लेकिन ग्लासगो 2026 का स्वरूप काफी बदला हुआ है। इस बार केवल 10 खेलों और 215 पदक स्पर्धाओं का आयोजन किया जा रहा है, जिससे यह 1994 के बाद का सबसे छोटा कॉमनवेल्थ गेम्स बन गया है।

कई बड़े खेल हुए बाहर

आयोजकों ने लागत कम करने और मौजूदा बुनियादी ढांचे का उपयोग करने के उद्देश्य से प्रतियोगिता का दायरा सीमित किया है। इसका सबसे बड़ा असर भारत पर पड़ा है क्योंकि बैडमिंटन, हॉकी, कुश्ती, टेबल टेनिस और शूटिंग जैसे खेल इस बार कार्यक्रम का हिस्सा नहीं हैं। यही वे खेल हैं, जिनमें भारत पारंपरिक रूप से सबसे अधिक पदक जीतता रहा है।

सबसे मजबूत खेल शक्तियों में शामिल

हालांकि प्रतियोगिता का दायरा छोटा हो गया है, लेकिन भारत अब भी कॉमनवेल्थ गेम्स की सबसे मजबूत खेल शक्तियों में शामिल है। भारतीय खिलाड़ी सीमित खेलों में भी शानदार प्रदर्शन कर देश के लिए अधिक से अधिक पदक जीतने के लक्ष्य के साथ ग्लासगो पहुंचे हैं।

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