

Mohammed Basil Wins Silver Medal In Men's 100m T47: भारत के लिए कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पैरा एथलेटिक्स का ऐतिहासिक दिन तब और खास बन गया, जब मोहम्मद बेसिल मोर्सिंगानाकथ ने पुरुषों की 100 मीटर T47 स्पर्धा में रजत पदक जीतकर अपने अंतरराष्ट्रीय करियर का पहला मेडल हासिल किया।
21 वर्षीय केरल के इस पैरा स्प्रिंटर ने 10.83 सेकेंड का समय निकालते हुए सिल्वर मेडल अपने नाम किया। इस स्पर्धा में भारत के ही दिलीप महादु गावित ने 10.71 सेकेंड के गेम्स रिकॉर्ड के साथ गोल्ड जीता, जबकि इंग्लैंड के केविन सैंटोस 10.85 सेकेंड के साथ कांस्य पदक पर रहे।
मोहम्मद बेसिल और इंग्लैंड के केविन सैंटोस के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली। फोटो फिनिश में बेसिल ने बेहद मामूली अंतर से बाजी मारते हुए सिल्वर मेडल अपने नाम किया और भारत को इस स्पर्धा में ऐतिहासिक डबल पोडियम दिलाया।
हालांकि, पैरा एथलेटिक्स की पुरुष डिस्कस थ्रो F42-44/F61-64 स्पर्धा में भारत को निराशा हाथ लगी। सागर थयात छठे और देवेंद्र कुमार सातवें स्थान पर रहे। F43 वर्ग में खेल रहे सागर ने 51.79 मीटर का थ्रो कर एशियाई रिकॉर्ड और अपना सीजन बेस्ट प्रदर्शन किया, जबकि F44 वर्ग के देवेंद्र कुमार ने 48.20 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो किया।
रजत पदक जीतने के बाद भावुक बेसिल ने अपनी सफलता अपने परिवार और कोच को समर्पित की। उन्होंने कहा, 'ये मेरे अंतरराष्ट्रीय करियर का पहला मेडल है और मैं बेहद खुश हूं। मेरे परिवार में माता-पिता और दो भाई हैं। सभी ने हमेशा मेरा साथ दिया है। मेरे दोनों भाई भी दिव्यांग हैं। हमारे परिवार ने बहुत संघर्ष किया है। ये मेडल मैं अपने परिवार और अपने कोच को समर्पित करता हूं।'
भारत के लिए ये प्रदर्शन इसलिए भी खास रहा क्योंकि स्प्रिंट इवेंट में पहली बार दो भारतीय एथलीट एक साथ पोडियम पर पहुंचे। दिलीप गावित और मोहम्मद बेसिल की इस ऐतिहासिक सफलता ने ग्लासगो में भारत के अभियान को नई ऊंचाई दी और देश को पैरा एथलेटिक्स में गर्व का एक और यादगार पल दे दिया।
ग्लासगो में खेले गए इस फाइनल ने भारत को कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पहली बार किसी एक स्पर्धा में गोल्ड और सिल्वर दोनों पदक दिलाए। हालांकि बेसिल गोल्ड से बेहद मामूली अंतर से चूक गए, लेकिन उनका प्रदर्शन भारतीय पैरा एथलेटिक्स के लिए ऐतिहासिक साबित हुआ।
बेसिल की ये उपलब्धि केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि भारतीय पैरा एथलेटिक्स के लिए भी एक ऐतिहासिक पल बन गई। दिलीप गावित के स्वर्ण और मोहम्मद बेसिल के रजत पदक ने ग्लासगो में भारत की झोली में दो पदक डालते हुए देश के अभियान को नई ऊंचाई दी।