जर्मनी से मिली शिकस्त के बाद कुराकाओ के कोच डिक एडवोकेट का बयान, कहा- उनके जैसी टीम से हारने में कोई शर्म नहीं

FIFA World Cup: जर्मनी से 1-7 की हार के बाद कुराकाओ के कोच डिक एडवोकेट ने खिलाड़ियों से सकारात्मक रहने को कहा। उन्होंने विश्व कप में पहुंचना ही टीम की बड़ी उपलब्धि बताया।
Curaçao coach Dick Advocaat's statement following the defeat against Germany: "There is no shame in losing to a team like theirs."
कुराकाओ फुटबॉल टीम (फोटो- IANS)
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FIFA World Cup 2026 Germany vs Curacao: फीफा विश्व कप 2026 के अपने पहले ग्रुप मुकाबले में जर्मनी से 1-7 की हार के बाद कुराकाओ के मुख्य कोच डिक एडवोकेट ने खिलाड़ियों से हौसला बनाए रखने की अपील की है। उनका कहना है कि विश्व कप के लिए क्वालिफाई करना ही कैरेबियाई टीम के लिए बड़ी उपलब्धि है और इस हार से उस सफलता का महत्व कम नहीं होता।

लिवानो कोमेनेंसिया ने ठोखा था गोल

कुराकाओ ने मैच के बीच में लिवानो कोमेनेंसिया के गोल की मदद से 1-1 की बराबरी हासिल कर ली थी और कुछ समय के लिए मजबूत टीम जर्मनी को चौंका भी दिया था। हालांकि, इसके बाद जर्मनी ने अपनी मजबूत क्षमता और अनुभव का प्रदर्शन किया और आखिरकार मैच में एकतरफा जीत दर्ज की। सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, मैच के बाद कोच एडवोकेट ने माना कि दोनों टीमों के बीच स्तर का अंतर साफ दिखा, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि इस हार से उनकी टीम की मेहनत और वर्ल्ड कप तक पहुंचने की उपलब्धि कम नहीं हो जाती।

उस स्तर की टीम से हारने में कोई शर्म की बात नहीं- डिक एडवोकेट

78 वर्षीय एडवोकेट ने कहा, "जर्मनी इस प्रतियोगिता की सबसे मजबूत टीमों में से एक है, और हम जानते थे कि यह एक मुश्किल चुनौती होगी। बेशक, स्कोरलाइन निराशाजनक है, लेकिन मुझे नहीं लगता कि उस स्तर की टीम से हारने में कोई शर्म की बात है।" एडवोकेट ने कहा कि कुराकाओ को उम्मीद थी कि वे जर्मनी के लिए मुश्किलें खड़ी करेंगे, लेकिन डिफेंस में हुई गलतियों की वजह से उन्हें इसका खामियाजा भुगतना पड़ा। उन्होंने माना कि जर्मनी की आक्रामक क्षमता का सामना करना टीम के लिए मुश्किल रहा, खासकर दूसरे हाफ में।

उन्होंने आगे कहा कि अब उनका पूरा ध्यान खिलाड़ियों को मानसिक रूप से मजबूत करने पर है, ताकि वे इक्वाडोर के खिलाफ अगले ग्रुप मैच से पहले खुद को फिर से तैयार कर सकें। "हमें अपना आत्मविश्वास बनाए रखना होगा और खुद पर भरोसा करते रहना होगा। यह हमारा पहला वर्ल्ड कप है, और बाकी मुकाबलों में अभी भी बहुत कुछ खेलना बाकी है।"

एडवोकेट ने कुराकाओ के समर्थकों की भी सराहना की, जो ह्यूस्टन में टीम को सपोर्ट करने पहुंचे थे और उन्होंने पूरे मैच के दौरान शानदार और उत्साहपूर्ण माहौल बनाया। उन्होंने कहा कि फैंस का यह जोश टीम के ऐतिहासिक अभियान की अहमियत को दर्शाता है। इसके साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि खिलाड़ी दुनिया के सबसे बड़े फुटबॉल मंच पर खेलने के इस अनुभव का पूरा आनंद लेते रहेंगे।कुराकाओ का अगला मुकाबला इक्वाडोर से होगा, जबकि जर्मनी की टीम कोटे डी आइवर के खिलाफ खेलेगी।

एजेंसी इनपुट के साथ

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