12 साल तक किया इंतजार, फिर सीधे टीम इंडिया में एंट्री... आखिर कौन हैं सारांश जैन?

Saransh Jain: श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए चयनकर्ताओं ने मध्य प्रदेश के ऑलराउंडर सारांश जैन को पहली बार भारतीय टीम में चुना है। जानिए सारांश के 12 साल के संघर्ष की कहानी।
Who is Saransh Jain? Earned his maiden call-up to Team India directly from domestic cricket after a 12-year struggle.
सारांश जैन (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Saransh Jain Selected For India vs Sri Lanka Test Series: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने श्रीलंका दौरे के लिए टेस्ट टीम का ऐलान कर दिया है। इस टीम में सबसे बड़ा सरप्राइज मध्य प्रदेश के ऑलराउंडर सारांश जैन का चयन रहा। 33 वर्षीय ऑफ स्पिनर और बाएं हाथ के बल्लेबाज सारांश को पहली बार भारतीय टेस्ट टीम में जगह मिली है। उन्हें चोटिल वॉशिंगटन सुंदर की जगह टीम में शामिल किया गया है।

कैसे हुई टीम इंडिया में एंट्री?

सारांश जैन का ये सफर आसान नहीं रहा। उन्होंने वर्षों तक घरेलू क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन किया और आखिरकार उन्हें टीम इंडिया का बुलावा मिला। दिलचस्प बात ये है कि उनका चयन आईपीएल की चमक-धमक के दम पर नहीं, बल्कि घरेलू क्रिकेट में लगातार बेहतरीन प्रदर्शन की बदौलत हुआ है।

हाल ही में सारांश भारत ए टीम के साथ श्रीलंका दौरे पर गए थे। दो अनऑफिशियल टेस्ट मैचों की सीरीज में पहले मुकाबले में उनका प्रदर्शन साधारण रहा, लेकिन दूसरे मैच में उन्होंने शानदार वापसी करते हुए 6 विकेट झटके और नाबाद 70 रन बनाए। भारत ए ने यह मुकाबला 10 विकेट से जीतकर सीरीज 1-0 से अपने नाम की थी।

तीन बड़े मैचों में नाम

मध्य प्रदेश की टीम से खेलने वाले सारांश ने रणजी ट्रॉफी, दलीप ट्रॉफी, ईरानी ट्रॉफी और इंडिया 'ए' के लिए लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन किया है। अपनी कसी हुई ऑफ स्पिन, अहम मौकों पर विकेट लेने की क्षमता और निचले क्रम में उपयोगी बल्लेबाजी के कारण वह लंबे समय से चयनकर्ताओं की नजर में थे।

कैसा रहा सारांश जैन का जीवन?

सारांश के संघर्ष की कहानी भी काफी प्रेरणादायक है। साल 2014 में जब वो मध्य प्रदेश के एक क्लब की ओर से ऑस्ट्रेलिया दौरे पर थे, तब उनके परिवार ने उनसे उनके पिता की गंभीर बीमारी की बात छिपाकर रखी ताकि उनका ध्यान क्रिकेट से न भटके। भारत लौटने के बाद उन्हें पता चला कि उनके पिता को कैंसर का पता चला था और उनकी सर्जरी हो चुकी थी। उस दौरान उनके पिता ने उन्हें एक चिट्ठी दी, जिसमें लिखा था, 'मैं ठीक हूं बेटा। तुम बस अच्छा खेलो, मैं जल्दी ठीक हो जाऊंगा।' इस घटना ने सारांश को और मजबूत बनाया।

रणजी ट्रॉफी के सफल खिलाड़ी

रणजी ट्रॉफी 2025-26 में सारांश मध्य प्रदेश के सबसे सफल खिलाड़ी रहे। उन्होंने 7 मैचों में 57.55 की औसत से 518 रन बनाए, जिसमें एक शतक और तीन अर्धशतक शामिल रहे। गेंदबाजी में भी उन्होंने 30 विकेट हासिल किए और टीम के दूसरे सबसे सफल गेंदबाज रहे।

सारांश के अब तक के आंकड़े

घरेलू क्रिकेट में उनके रिकॉर्ड पर नजर डालें तो उन्होंने 54 प्रथम श्रेणी मैचों में 188 विकेट लेने के साथ 2223 रन बनाए हैं। इस दौरान उनके बल्ले से 2 शतक और 14 अर्धशतक निकले हैं। वहीं, 47 लिस्ट-ए मुकाबलों में उन्होंने 38 विकेट और 553 रन बनाए हैं।

T20 क्रिकेट में भी उन्होंने 20 मैचों में 18 विकेट हासिल किए हैं और उनका इकॉनमी रेट 6.25 रहा है। अब श्रीलंका दौरे पर सारांश जैन के पास अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत करने और घरेलू क्रिकेट की सफलता को टेस्ट स्तर पर दोहराने का सुनहरा मौका होगा।

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