विराट कोहली (सोर्स- सोशल मीडिया)
Kohli Emotional Statement About His Mother: भारतीय क्रिकेट टीम ने तीन मैचों की वनडे सीरीज के पहले मुकाबले में न्यूजीलैंड को 4 विकेट से हराकर शानदार शुरुआत की। टीम इंडिया ने 301 रन के लक्ष्य का सफलतापूर्वक पीछा किया, जिसमें विराट कोहली की 93 रन की बेहतरीन पारी ने निर्णायक भूमिका निभाई। इस प्रदर्शन के लिए कोहली को “प्लेयर ऑफ द मैच” का पुरस्कार मिला।
अपनी इस सफलता के बाद विराट कोहली ने अपनी मां के प्रति गहरी भावनाएं व्यक्त की। उन्होंने बताया कि वे अपने अवॉर्ड्स का हिसाब नहीं रखते, बल्कि उन्हें गुड़गांव में अपनी मां के पास भेज देते हैं, क्योंकि उनकी मां इन उपलब्धियों को संजोना बहुत पसंद करती हैं। कोहली ने अपनी क्रिकेट यात्रा को याद करते हुए इसे “सपने के सच होने” जैसा बताया और कहा कि उन्हें हमेशा अपनी क्षमताओं पर भरोसा था।
उन्होंने माना कि आज जिस मुकाम पर वे हैं, वहां पहुंचने के लिए उन्होंने कठिन परिश्रम किया और ईश्वर ने उन्हें उनकी सोच से कहीं अधिक दिया। कोहली ने कहा कि उनके दिल में आभार है और उन्हें खुद पर गर्व महसूस होता है।
Virat Kohli said – “I send my awards to my mother, she likes to keeping the awards”. “I’m not thinking about any milestones at all the way I’m batting right now. I’m just thinking about scoring runs and keeping hitting boundaries as much as possible”. (On missed out Hundred).… pic.twitter.com/ZgNSpsVpe0 — Pramod (@urspammu_01) January 11, 2026
मैच की रणनीति और रिकॉर्ड्स के बारे में बात करते हुए कोहली ने स्पष्ट किया कि वह मैदान पर मील के पत्थर या कीर्तिमानों के बारे में नहीं सोचते। उनका मुख्य फोकस हमेशा टीम की जीत सुनिश्चित करना होता है। नंबर 3 पर बल्लेबाजी करते हुए उनका मंत्र विपक्षी टीम पर दबाव डालना है। क्रीज पर आते ही उन्होंने महसूस किया कि कीवी गेंदबाजों को दबाव में लाया जा सकता है, और उन्होंने वही किया। उन्होंने यह भी कहा कि अगर टीम पहले बल्लेबाजी कर रही होती, तो उनकी खेल शैली और भी आक्रामक होती।
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विराट कोहली ने खेल के प्रति अपने लगाव को मानवीय भावनाओं से जोड़ते हुए कहा कि मैदान पर उतार-चढ़ाव आते रहते हैं और टीम के लिए परिस्थितियां बदलती रहती हैं, जिसे वह सहजता से लेते हैं। उनके लिए सबसे बड़ी संतुष्टि यही है कि वे इस खेल के माध्यम से लाखों लोगों को खुशी दे पा रहे हैं। उनके समर्पण और लगन ने यह साबित किया कि व्यक्तिगत रिकॉर्ड से अधिक टीम की जीत और खेल के प्रति प्यार मायने रखते हैं।